नयी दिल्ली: भगोड़े हीरा व्यापारी और पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के एक मुख्य आरोपी नीरव मोदी के भाई नेहल मोदी को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया है।
सूत्रों के अनुसार अमेरिका के न्याय विभाग ने नेहल मोदी को शुक्रवार को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी भारतीय एजेन्सियों केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई)और प्रवर्तन निदेशालय के अनुरोध पर की गयी है।
निहाल मोदी पर क्या है आरोप?
नेहल मोदी पर आरोप है कि उसने नीरव मोदी घोटाले में जानबूझकर सबूत छुपाए, गवाहों को धमकाया और घोटाले से जुड़े पैसों और संपत्तियों को छुपाने में अहम भूमिका निभाई। जांच एजेंसियों के मुताबिक, जब भारत में जांच शुरू हुई तो नेहल ने दुबई में स्थित फायरस्टार डायमंड एफजेडई (Firestar Diamond FZE) कंपनी से 50 किलो सोना लिया और उसे गायब कर दिया। वह खुद इस पूरे प्रोसेस को मॉनिटर कर रहा था और अपने कर्मचारियों से सभी जरूरी रिकॉर्ड, खातों और डेटा को डिलीट करवाने की कोशिश कर रहा था।
इसके अलावा, नेहल मोदी ने हांगकांग से करीब 6 मिलियन डॉलर (लगभग 50 करोड़ रुपये) की डायमंड ज्वेलरी, 150 बॉक्स मोती, और दुबई से 3.5 मिलियन दिरहम कैश तथा 50 किलो सोना भी अपने कब्जे में लिया। यह सारा काम उसने अपने एक साथी मिहिर भंसाली के साथ मिलकर अंजाम दिया।
सबूत मिटाने के लगे आरोप
ईडी के मुताबिक, नेहल ने न सिर्फ फिजिकल सबूतों को हटाया, बल्कि डिजिटल एविडेंस जैसे मोबाइल फोन और सर्वर को भी नष्ट करवाया। दुबई में मौजूद तमाम डिजिटल डाटा को पूरी तरह खत्म कर दिया गया।
इतना ही नहीं, नेहल मोदी ने कुछ गवाहों को डराकर काहिरा भेजा, जहां उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए गए और उनसे झूठे दस्तावेजों पर साइन करवाए गए। एक मामले में तो नेहल ने एक गवाह को 2 लाख रुपये की रिश्वत देकर यूरोप की कोर्ट में फर्जी गवाही देने के लिए कहा।
ईडी का कहना है कि नेहल मोदी ने पीएमएलए की धारा 3 के तहत मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल रहकर अपराध किया है और उसे धारा 4 के तहत सख्त सजा मिलनी चाहिए। भारत सरकार ने नेहल मोदी के प्रत्यर्पण (Extradition) की आधिकारिक मांग की थी, जिस पर अब अमेरिका की ओर से कार्रवाई की गई है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में नेहल मोदी को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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