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 देशभर में गणेश चतुर्थी की धूम, बाजारों में इको-फ्रेंडली और पैठणी गणपति बने आकर्षण का केंद्र

ECo Frendly Ganesh

नई दिल्ली: देश के अलग-अलग हिस्सों में गणेश चतुर्थी की तैयारियां चल रही हैं। इसको पर्व को लेकर लोगों में उत्साह है और बाजारों में रौनक दिखाई पड़ रही है। इस बार लोगों के बीच इको-फ्रेंडली गणेश मूर्तियों की मांग अधिक है। कर्नाटक के तुमकुरु शहर के जूनियर कॉलेज ग्राउंड्स में अलग-अलग तरह की गणेश मूर्तियों की बिक्री हो रही है। भक्त बिना किसी केमिकल रंग के पूरी तरह से मिट्टी से बनी गणेश मूर्तियां स्थापित करना अधिक पसंद कर रहे हैं। वे इको-फ्रेंडली विकल्प ढूंढ रहे हैं। इन मूर्तियों को बहुत कम या बिल्कुल भी पेंट की जरूरत नहीं होती, इसलिए इन्हें बनाना भी सस्ता पड़ता है। मूर्तिकार रामचंद्रप्पा ने

कहा, “पिछले साल के उलट इस बार लोग बिना पेंट वाली गणेश मूर्तियां खरीद रहे हैं। आज सुबह जैसे ही हमने अपने स्टॉल लगाने शुरू किए, भक्त पूरी तरह से मिट्टी से बनी मूर्तियां खरीदने और प्री-बुक करने के लिए आगे आए, जिनमें कोई केमिकल रंग इस्तेमाल नहीं होता।” इसी तरह, मंजूनाथ ने कहा, “इस बार लोग खासतौर पर बिना पेंट की गणेश मूर्तियों की मांग कर रहे हैं, जो पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता को दिखाता है। वे समझते हैं कि रंगीन मूर्तियों का इस्तेमाल करने से पर्यावरण को नुकसान होता है। पिछले साल की तुलना में इस साल बिना पेंट की गणेश मूर्तियों की बिक्री काफी अधिक है।” वहीं, तमिलनाडु के कुड्डालोर में त्योहार की भीड़ देखी जा रही है।

भगवान गणेश को पारंपरिक रूप से चढ़ाए जाने वाले पूजा के सामान, फूल, पत्ते और फल बड़ी मात्रा में स्टॉक किए गए हैं। थिरुपपुलियूर और कुड्डालोर के दूसरे हिस्सों के बाजार भक्तों से भरे हुए हैं। भगवान गणेश मूर्तियों के लिए सजावटी सामान भी बेचे जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के शहर भी इको-फ्रेंडली गणपति को तवज्जो दे रहे हैं। बुलंदशहर में रंग-बिरंगी इको-फ्रेंडली गणपति की मूर्तियां बाजार में छाई हुई हैं। गणेशोत्सव से पहले महाराष्ट्र के येवला शहर में गणेश मूर्तियों का अनोखा आकर्षण देखने को मिल रहा है। पैठणी कला के लिए मशहूर येवला में इस बार गणेश मूर्तियों की सजावट में भी पैठणी की झलक देखने को मिल रही है।

बाजार में अलग-अलग आकार, रंग और आकर्षक सजावट वाली गणेश मूर्तियां बिक्री के लिए पहुंच चुकी हैं। इस बार खास तौर पर पैठणी शेला का इस्तेमाल कर गणेश मूर्तियों को सजाया गया है। इसके साथ ही मूर्तियों के मुकुट और अन्य हिस्सों पर बारीकी से किया गया डायमंड वर्क इन मूर्तियों की खूबसूरती को और बढ़ा रहा है। रोशनी पड़ते ही डायमंड वर्क चमकने लगता है, जिससे मूर्तियों को शाही लुक मिल रहा है।

पारंपरिक पैठणी कला और आधुनिक सजावट के इस अनोखे मेल को गणेश भक्त भी काफी पसंद कर रहे हैं। गणेशोत्सव से पहले ये खास गणेश मूर्तियां येवला के बाजार में आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। एक दुकानदार श्रेया गाढे ने आईएएनएस से कहा, “हम भगवान गणेश की मूर्तियां लेकर आते हैं। इस बार गणेश मूर्तियों की सजावट में पैठणी की झलक है। बाजार में अलग-अलग तरह की मूर्तियां मिलती हैं, लेकिन हमारे यहां इस पैठणी वाली गणेश की मूर्ति मिलेगी।”

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