सोनीपत। पुलिस ने ट्रेडिंग अकाउंट खोलकर निवेश का लालच देकर 25 लाख 68 हजार रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के मुख्य आरोपी को सहसपुर से गिरफ्तार किया।
15 लाख रुपये कराए खातों में होल्ड
पुलिस ने 15 लाख 75 हजार 710 रुपये बैंक खातों में होल्ड करवाए हैं। शुक्रवार को आरोपी न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। थाना साइबर सोनीपत में 21 मार्च 2026 को प्रगति नगर निवासी सुनीत ने शिकायत दी थी कि सात नवंबर 2025 को व्हाट्सऐप कॉल पर एक महिला ने खुद को सीआईबी लक्स नाम की कंपनी से बताया। उसने वेल्थ ग्रोथ एक्सेलेरेशन प्लान 500 प्रतिशत स्कीम में निवेश का झांसा दिया।
व्हाट्सऐप पर चलती थी क्लास
10 नवंबर से व्हाट्सऐप समूह पर रोज शाम ट्रेडिंग क्लास चलने लगी, जिसमें प्रोफेसर आदित्य शेयर बाजार और निवेश के बारे में बताते थे। लोगों के मुनाफे के स्क्रीनशॉट समूह में दिखाए जाने लगे। 15 जनवरी को अकाउंट खुला और उसने 25 हजार रुपये नेट बैंकिंग से जमा कर दिए। अलग अलग बैंक खातों में 25 लाख उनसठ हजार रुपये जमा करवाए गए। दो मार्च को शिकायतकर्ता को ओम्निटेक आईपीओ के शेयर अलॉट होने का झांसा देकर और पैसे जमा कराने को कहा गया।
लोन दिखाकर जमा कराए रुपये
निकासी रोक दी गई और फर्जी लोन दिखाकर और रकम जमा करवाने का दबाव बनाया गया। पुलिस टीम ने आरोपी सहसपुर निवासी राशीद को गिरफ्तार किया। आरोपी के खाते में ठगी की रकम में से पांच लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे। पुलिस ने आगे की जांच जारी रखी है। सोनीपत पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या निवेश प्रस्ताव पर भरोसा न करें। ज्यादा मुनाफे के लालच से बचें और जरूरत पड़ने पर साइबर हेल्पलाइन एक नौ तीन शून्य पर तुरंत शिकायत करें।

