नई दिल्ली : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत राजधानी में कचरा प्रबंधन को मजबूत बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास किया। उन्होंने ओखला, गाजीपुर और सिंघोला में नए कचरा प्रसंस्करण संयंत्रों तथा गाजीपुर में बायोगैस संयंत्र की आधारशिला रखी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली को कूड़े के पहाड़ों से मुक्त कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ओखला, भलस्वा और गाजीपुर स्थित कूड़े के पहाड़ों से अब तक 217.17 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण किया जा चुका है। इस प्रक्रिया के माध्यम से लगभग 100 एकड़ भूमि को मुक्त कराया गया है। उन्होंने कहा कि नए प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित होने से कचरे के निस्तारण की गति और बढ़ेगी तथा लंबे समय से कूड़े के पहाड़ों की समस्या का सामना कर रहे आसपास के क्षेत्रों को राहत मिलने की उम्मीद है।
रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल कचरे का निस्तारण करना नहीं, बल्कि राजधानी को स्वच्छ और हरित बनाना भी है। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर आज कूड़े के विशाल पहाड़ दिखाई देते हैं, वहां भविष्य में साफ जमीन और हरियाली दिखाई देनी चाहिए। आसपास रहने वाले परिवारों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना भी सरकार की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के कूड़े के पहाड़ों को समाप्त करने का संकल्प लिया गया है और इस दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
नए संयंत्रों के माध्यम से कचरा प्रबंधन की मौजूदा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार दो स्तरों पर काम कर रही है। एक ओर वर्षों से जमा कचरे को हटाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रतिदिन निकलने वाले नए कचरे के तत्काल निस्तारण की व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसका उद्देश्य भविष्य में नए कूड़े के पहाड़ बनने से रोकना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कोटला मुबारकपुर स्थित मातृ एवं शिशु कल्याण केंद्र तथा आयुर्वेदिक पॉलिटेक्निक का भी लोकार्पण किया। इन सुविधाओं का उद्देश्य नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं और आयुर्वेदिक शिक्षा से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद, दिल्ली नगर निगम के महापौर प्रवेश वाही सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

