
नई दिल्ली: दिल्ली विधान सभा में आयोजित होली मिलन समारोह ने इस बार कूटनीति, संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों का अनूठा संगम प्रस्तुत किया। विधानसभा अध्यक्ष विजेंदर गुप्ता ने कहा, होली केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि भारत की सभ्यतागत शक्ति, लोकतांत्रिक भावना और सत्य की विजय का प्रतीक है। ऐतिहासिक विधानसभा परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में 31 से अधिक देशों के राजनयिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। श्रीलंका, चीन, नेपाल, मॉरीशस, दक्षिण अफ्रीका सहित कई देशों के राजदूत और उच्चायुक्त उपस्थित रहे। समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्र, उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट और विभिन्न दलों के विधायक भी शामिल हुए।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण भारत की सांस्कृतिक विरासत पर आधारित प्रस्तुतियां रहीं। कथक नृत्य, पारंपरिक कठपुतली शो और मध्य प्रदेश का मल्लखंभ प्रदर्शन दर्शकों के बीच खासा सराहा गया। विभिन्न राज्यों के लोकनृत्यों ने एकता में विविधता का संदेश दिया। इस अवसर पर केंद्रीय विधानसभा के प्रथम भारतीय अध्यक्ष रहे विठ्ठलभाई पटेल पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई, जिसने भारत की संसदीय परंपरा को रेखांकित किया। समारोह के अंत में अध्यक्ष ने नागरिकों से सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल होली मनाने की अपील करते हुए जल संरक्षण और हर्बल गुलाल के उपयोग पर जोर दिया।
मेष: दिन शुभ रहेगा...