
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी का नुकसान
अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में 28 अक्टूबर को सोने और चाँदी के बाज़ार में मंदी दर्ज की गई। COMEX पर सोने का भाव 0.36% 4,059.90 डॉलर प्रति शेयर कारोबार में गिरावट आई। वहीं, चांदी की कीमत में भी गिरावट आई। COMEX पर सिल्वर का भाव 0.54% टूटकर 54.220 डॉलर प्रति शेयर पर पहुंच गया। अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में आई इस नारी का असर घरेलू बुलियन बाज़ार पर भी देखने को मिला।
घरेलू बाजार में सोने की कीमत ₹1.44 लाख के करीब
भारतीय बाजार में भी सोने की जगह में गिरावट दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, सोना करीब 1,44,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बना था। वहीं, सिल्वर का भाव लगभग 1,96,000 रुपये प्रति किलोग्राम स्तर पर कारोबार करता है।
त्योहारी सीज़न में आई इस नैकरी से खरीदारी करने वाले को राहत मिल सकती है। हालाँकि, सोने-ब्याज के भाव सिटी, ज्वेलर, सोनार और टैक्स के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी दोनों कीमती धातुओं में गिरावट देखने को मिली।
Gold Price Today: दिसंबर डिलीवरी वाला सोना 515 रुपये गिरकर 1,43,623 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया।
Silver Price Today: चांदी की कीमत में करीब 1,000 रुपये की गिरावट आई और यह 1,95,770 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। MCX के ये भाव वायदा कारोबार से जुड़े हैं। इन्हें सीधे तौर पर ज्वेलरी दुकानों पर मिलने वाले खुदरा भाव के बराबर नहीं माना जाना चाहिए।

24, 22 और 18 कैरेट सोने का ताजा भाव
अगर आप दिवाली या धनतेरस पर सोने के गहने खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो अलग-अलग शुद्धता वाले सोने की कीमतों पर भी नजर डाल सकते हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सोने के अनुमानित भाव इस प्रकार हैं:
सोने की शुद्धता अनुमानित कीमत
24 कैरेट गोल्ड ₹1,44,060 प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट गोल्ड ₹1,32,055 प्रति 10 ग्राम
18 कैरेट गोल्ड ₹1,08,045 प्रति 10 ग्राम
चांदी ₹1,96,440 प्रति किलोग्राम
ध्यान दें कि ये उपलब्ध बाजार आंकड़ों पर आधारित अनुमानित कीमतें हैं। स्थानीय बाजार में अंतिम कीमत अलग हो सकती है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और लागू GST भी कुल बिल को प्रभावित करते हैं।
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क्या दिवाली से पहले सोना खरीदना रहेगा फायदेमंद?
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के बाद ग्राहकों के लिए खरीदारी का मौका बन सकता है। हालांकि, केवल कीमत कम होने के आधार पर निवेश का फैसला करना उचित नहीं है। बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।