Gold-Silver Price : त्योहारी सीजन में सोने और चांदी के आभूषण खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अक्टूबर महीने में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है। महज 30 दिनों के भीतर सोने की कीमत में करीब ₹12,300 प्रति 10 ग्राम और चांदी में लगभग ₹48,000 प्रति किलोग्राम की कमी आई है।
सोना ₹1,792 और चांदी ₹9,369 सस्ती
31 अक्टूबर को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई। 24 कैरेट सोना ₹1,42,540 और चांदी ₹1,85,504 प्रति किलो पर पहुंची। जानिए आज के ताजा भाव।
कितना सस्ता हुआ सोना-चांदी?
सोना/ चांदी आज का ताजा रेट पुराना रेट कितना गिरा रेट?
सोना 1,42,540 रुपए प्रति 10 ग्राम 1,44,332 रुपए प्रति 10 ग्राम 1,792 की गिरावट
चांदी 1,85,504 रुपए प्रति किलो 1,94,873 रुपए प्रति किलो 9,369 की गिरावट
चांदी हुई ₹48,000 प्रति किलो तक सस्ती
सोने के मुकाबले चांदी की कीमतों में और भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है। 1 अक्टूबर को MCX पर चांदी का भाव लगभग ₹2,27,200 प्रति किलोग्राम था, जो 30 अक्टूबर तक गिरकर ₹1,79,132 पर पहुंच गया।
यानी महीनेभर में चांदी करीब ₹48,000 प्रति किलो सस्ती हो गई। इतनी बड़ी गिरावट के बाद Silver Market में निवेश करने वाले लोगों के बीच भी हलचल तेज हो गई है।

Gold और Silver में फिर आई भारी बिकवाली
बीते दिन घरेलू वायदा बाजार में दोनों धातुओं की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
Gold Price: दिसंबर डिलीवरी वाला सोना 2.88% यानी ₹4,111 टूटकर ₹1,38,485 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
Silver Price: चांदी में 5.45% यानी ₹10,321 की गिरावट आई और इसका भाव ₹1,79,132 प्रति किलोग्राम रह गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी पर दबाव देखने को मिला। Spot Gold करीब 3.61% गिरकर 3,875 डॉलर प्रति औंस और Spot Silver लगभग 5.82% लुढ़ककर 49.10 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले से क्यों गिरे सोने-चांदी के दाम?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve का रुख एक बड़ी वजह रहा है।
फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को 3.75% से 4% के दायरे में स्थिर रखा, लेकिन महंगाई को लेकर चिंता जाहिर की। इससे भविष्य में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई।
आमतौर पर जब अमेरिकी ब्याज दरें ऊंची रहने की संभावना होती है, तो डॉलर और बॉन्ड यील्ड को मजबूती मिल सकती है। ऐसे माहौल में सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों की मांग प्रभावित होती है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव देखने को मिला।
आने वाले दिनों में कैसी रहेगी सोने-चांदी की चाल?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। बाजार की अगली दिशा कई अहम कारकों पर निर्भर करेगी।
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क्या अभी सोना-चांदी खरीदना फायदेमंद रहेगा?
कीमतों में आई भारी गिरावट को देखते हुए ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह एक आकर्षक मौका हो सकता है। हालांकि, केवल कीमतों में गिरावट देखकर जल्दबाजी में निवेश करना सही रणनीति नहीं होगी।
लंबी अवधि के निवेशकों को अपनी निवेश अवधि, जोखिम उठाने की क्षमता और बाजार की स्थिति को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए। वहीं, आभूषण खरीदने वालों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि MCX का भाव और बाजार में मिलने वाला रिटेल ज्वेलरी रेट अलग-अलग हो सकता है। इसके अलावा, ज्वेलरी की कीमत में मेकिंग चार्ज, GST और अन्य लागू शुल्क भी शामिल होते हैं।