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Gold-Silver Price: सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी, जानें आज कितना है 24k गोल्ड का रेट

Gold Silver Prices: Silver becomes cheaper by Rs 9700, gold prices also fall

Gold-Silver Price Today: घरेलू सर्राफा बाजार में एक बार फिर सोने और चांदी की कीमतों में तेज हलचल देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती और घरेलू मांग में बदलाव के चलते मंगलवार, 16 जून 2026 को कीमती धातुओं के दामों में उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। लगातार बढ़ती कीमतों ने जहां निवेशकों को सतर्क किया है, वहीं खरीदारों के लिए भी यह स्थिति असमंजस भरी बनी हुई है।

सोने के दाम रिकॉर्ड स्तर के करीब

ताजा रुझानों के अनुसार 24 कैरेट सोना देश में लगभग ₹1.51 लाख से ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर रहा है। वहीं 22 कैरेट सोना करीब ₹1.40 लाख से ₹1.43 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है। 18 कैरेट सोने की कीमत भी बढ़त के साथ ₹1.13 लाख से ₹1.16 लाख प्रति 10 ग्राम के बीच दर्ज की गई है।

लगातार बढ़ती कीमतों के चलते सोना अब निवेश के साथ-साथ आम खरीदारों के लिए भी महंगा होता जा रहा है।

चांदी में हल्की नरमी

सोने के मुकाबले चांदी की कीमतों में थोड़ी कमजोरी देखने को मिली है। बाजार में चांदी का भाव लगभग ₹2.52 लाख से ₹2.54 लाख प्रति किलोग्राम के बीच चल रहा है। कुछ शहरों में इसकी कीमतों में मामूली अंतर भी देखा गया है।

प्रमुख शहरों में अलग-अलग रेट

देश के अलग-अलग शहरों में टैक्स और स्थानीय शुल्कों के कारण कीमतों में अंतर देखा जा रहा है। दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, पटना और भोपाल जैसे बड़े शहरों में सोने-चांदी के रेट थोड़े अलग स्तर पर कारोबार कर रहे हैं, लेकिन समग्र रुझान तेजी की ओर ही है।

क्यों बढ़ रहे हैं दाम?

विशेषज्ञों के अनुसार सोने और चांदी की कीमतों में यह उतार-चढ़ाव मुख्य रूप से वैश्विक बाजार के संकेतों से प्रभावित है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमती धातुओं की बढ़ती मांग और आर्थिक अनिश्चितता के कारण निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने की ओर रुख कर रहे हैं।

इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और वैश्विक ब्याज दरों में संभावित बदलाव भी कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। यही कारण है कि घरेलू बाजार में भी लगातार अस्थिरता बनी हुई है।

आगे क्या रहेगा रुझान?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। यह पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों, जियो-पॉलिटिकल घटनाओं और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर निर्भर करेगा।

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निवेशकों के लिए सलाह

विश्लेषकों का सुझाव है कि निवेशक जल्दबाजी में खरीदारी करने के बजाय बाजार में गिरावट का इंतजार करें। लंबी अवधि के निवेश के लिए सोना अभी भी एक सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है, लेकिन शॉर्ट टर्म में अस्थिरता बनी रह सकती है।

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