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सोना-चांदी की कीमतों में आई गिरावट से ग्राहकों को राहत, जानें आज के ताजा भाव और कीमत तय होने की प्रक्रिया

July 26, 2025

सोना-चांदी की कीमतों में आई गिरावट से ग्राहकों को राहत, जानें आज के ताजा भाव और कीमत तय होने की प्रक्रिया

Gold silver price today : पिछले कुछ हफ्तों से लगातार ऊंचाई छू रही सोने-चांदी की कीमतों में अब थोड़ी नरमी देखने को मिल रही है। 25 जुलाई को सोने के दामों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे ग्राहकों और निवेशकों को अस्थायी राहत मिली है। 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमत 1,360 रुपये घटकर 10 ग्राम के लिए 1,00,970 रुपये पर पहुंच गई, जबकि 100 ग्राम सोना अब 13,600 रुपये सस्ता होकर 10,09,700 रुपये में उपलब्ध है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी सोने के वायदा दामों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जो इस बात का संकेत है कि निवेशकों ने उच्च स्तर से मुनाफा वसूली शुरू कर दी है। चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखी गई है, हालांकि उसका प्रभाव सोने जितना स्पष्ट नहीं रहा।

आज, 26 जुलाई के ताजा भाव पर नजर : देशभर में आज 26 जुलाई को सोने और चांदी की कीमतों में स्थिरता देखने को मिल रही है।

24 कैरेट सोना (10 ग्राम): ₹1,00,950 – ₹1,01,050 (शहरों के अनुसार थोड़ा अंतर संभव)
22 कैरेट सोना (10 ग्राम): ₹92,500 – ₹93,000
चांदी (1 किलो): ₹1,29,000 – ₹1,30,500

नोट: उपरोक्त कीमतें प्रमुख महानगरों की औसत दरों पर आधारित हैं।

कीमतें कैसे तय होती हैं?
भारत में सोने-चांदी की कीमतें सिर्फ घरेलू मांग पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कारकों पर भी निर्भर करती हैं। सबसे अहम भूमिका लंदन बुलियन मार्केट और COMEX (अमेरिका का कमोडिटी एक्सचेंज) की होती है। वहां के भाव को भारत में रेफरेंस के रूप में लिया जाता है। इसके साथ ही, डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर भी कीमतों को प्रभावित करती है। जब रुपया कमजोर होता है, तब आयात महंगा होता है, जिससे सोना-चांदी महंगे हो जाते हैं। इसके अतिरिक्त:

1 . इंपोर्ट ड्यूटी
2 . जीएसटी और अन्य कर
3 . त्योहारी और शादी के मौसम की मांग
4 . MCX पर वायदा कारोबार

इन सभी कारकों का संयुक्त प्रभाव अंतिम उपभोक्ता मूल्य पर पड़ता है।

IBJA की भूमिका
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) देश की एक प्रमुख संस्था है जो देशभर के ज्वैलर्स से रेट लेकर औसत भाव तय करती है। यह दरें प्रतिदिन सुबह और दोपहर को घोषित की जाती हैं, जिससे बाजार में एक मानक मूल्य निर्धारण सुनिश्चित हो सके।

क्या आगे और राहत मिलेगी?
विशेषज्ञों की मानें तो अगर डॉलर मजबूत बना रहता है और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में दबाव जारी रहता है, तो आने वाले दिनों में सोने-चांदी के दाम और नीचे आ सकते हैं। हालांकि, यह गिरावट अस्थायी भी हो सकती है, क्योंकि अगली तिमाही में फेस्टिव सीजन की मांग फिर से तेजी ला सकती है।

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