नेशनल डेस्क: गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई इस समय भारत में हैं। उन्होंने राजधानी नई दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात की। पिचाई भारत में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में शामिल होने पहुंचे हैं। वह 20 फरवरी को समिट के समापन सत्र में मुख्य भाषण देंगे। भारत आने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर खुशी जताई और कहा कि एआई इम्पैक्ट समिट के लिए भारत लौटकर उन्हें बेहद अच्छा लग रहा है। उन्होंने भारत में मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए भी आभार व्यक्त किया।
Nice to be back in India for the AI Impact Summit – a very warm welcome as always and the papers looked great too:) pic.twitter.com/szM9g2wB4d
— Sundar Pichai (@sundarpichai) February 18, 2026
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 का आयोजन 16 से 20 फरवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में किया जा रहा है। यह एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन है, जिसमें दुनिया भर से नीति निर्माता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विशेषज्ञ, शिक्षाविद, टेक्नोलॉजी इनोवेटर और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। सम्मेलन में एआई से जुड़े अहम मुद्दों जैसे तकनीकी विकास, डेटा सुरक्षा, नीति निर्माण, नैतिकता और समाज पर इसके प्रभाव पर चर्चा की जा रही है।
यह समिट ग्लोबल साउथ क्षेत्र में आयोजित होने वाला पहला बड़ा वैश्विक एआई सम्मेलन माना जा रहा है। इसका मुख्य विषय ‘एआई फॉर ह्यूमैनिटी’ है यानी एआई का उपयोग मानव कल्याण के लिए कैसे किया जाए। सम्मेलन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एआई तकनीक का विकास मानव-केंद्रित, सुरक्षित और सबके लिए लाभकारी हो।
समिट में 110 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा 30 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय संगठनों की भागीदारी है। करीब 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख स्तर के प्रतिनिधि और लगभग 45 मंत्री भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बन रहे हैं। इससे साफ है कि एआई को लेकर वैश्विक स्तर पर गंभीर चर्चा हो रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई के बढ़ते प्रभाव पर कहा कि भारत का आईटी सेक्टर लंबे समय से सेवाओं के निर्यात और आर्थिक विकास की मजबूत नींव रहा है। उन्होंने बताया कि एआई इस क्षेत्र के लिए एक बड़ा अवसर भी है और एक चुनौती भी। एआई आधारित आउटसोर्सिंग और ऑटोमेशन के बढ़ते उपयोग से वर्ष 2030 तक भारत का आईटी सेक्टर 400 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंच सकता है।
यह समिट तीन मुख्य स्तंभों पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस पर आधारित है। इसका उद्देश्य है कि एआई का विकास ऐसा हो जो लोगों के जीवन को बेहतर बनाए, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार हो और देश-दुनिया की तरक्की में योगदान दे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि एआई का फायदा समाज के हर वर्ग तक समान रूप से पहुंचे और कोई भी पीछे न रहे।
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