Google Helps Reunite Elderly Man : लुधियाना। श्री हरमंदिर साहिब की यात्रा के दौरान जत्थे से बिछड़ा फतेहगढ़ गुजरां गांव का बुजुर्ग चमन लाल चार दिन बाद अपने परिवार से मिल गया। गलती से बिहार जाने वाली ट्रेन में सवार हुए चमन लाल की मुलाकात गया निवासी नीरज कुमार से हुई। नीरज ने गूगल और अन्य तकनीक की मदद से गांव का पता लगाकर उन्हें लुधियाना पहुंचाया, जहां परिवार ने उन्हें अपने साथ ले लिया।
बुजुर्ग चमन लाल के पोते ने कहा कि उनके दादा स्वर्ण मंदिर की यात्रा के दौरान घर नहीं लौटे थे। परिवार ने सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बुजुर्ग चमन लाल मानसिक रूप से अस्वस्थ थे और वे बिहार में नीरज नाम के एक युवक से मिले, जो उन्हें घर ले गया और उन्हें रोटी और पानी दिया। बुजुर्ग व्यक्ति चमन लाल ने नीरज को बताया कि वह फतेहगढ़ गुजरान गांव का निवासी है। नीरज ने गूगल और अन्य एआई तकनीक के माध्यम से फतेहगढ़ गुर्जरों के स्थान की लगातार खोज करने में चार दिन बिताए और आखिरकार उन्हें पता चला कि यह गाँव लुधियाना जिले के माछीवाड़ा साहिब के पास है।
नीरज कुमार बुजुर्ग चमन लाल के साथ ट्रेन से लुधियाना पहुंचे और फिर माछीवाड़ा साहिब आए। माछीवाड़ा में मास्टर कृष्ण लाल ने बुजुर्ग व्यक्ति की पहचान की और परिवार को सूचित किया। इसके बाद पोते सुखचैन सिंह अपने दादा को लेने आए। वे अपने पिता से मिले। उन्होंने बिहार के गया जिले के रहने वाले नीरज कुमार को भी धन्यवाद दिया।
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