नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार हथकरघा क्षेत्र को लगातार समर्थन देती रहेगी, क्योंकि यह ”ग्रामीण सशक्तिकरण, महिला-नेतृत्व वाले विकास और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।” राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपनी समृद्ध और जीवंत हथकरघा विरासत का उत्सव मनाता है और देश के बुनकरों तथा कारीगरों की कौशल, रचनात्मकता और समर्पण भावना को भी नमन करता है। उन्होंने कहा कि इन बुनकरों और कारीगरों ने पीढ़ियों से भारत की परंपराओं को सहेजा और समृद्ध किया है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”हमारी सरकार हथकरघा क्षेत्र को लगातार समर्थन देती रहेगी, जो ग्रामीण सशक्तिकरण, महिला-नेतृत्व वाले विकास और आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने का एक महत्वपूर्ण आधार है।”
Tomorrow, 7th August is National Handloom Day. Let’s make India’s handloom diversity popular.
Share your videos with your favourite handloom products, including GRWM videos on social media.
Don’t forget to use #NationalHandloomDay. pic.twitter.com/zoFdTXphRL
— Narendra Modi (@narendramodi) August 6, 2026
प्रधानमंत्री ने लोगों से यह भी अपील की कि वे ‘नेशनल हैंडलूम डे’ हैशटैग का उपयोग करते हुए अपने पसंदीदा हथकरघा उत्पादों और ‘जीआरडब्ल्यूएम’ (ग्रेट रेडी विद मी) वीडियो साझा करें। उन्होंने कहा कि इससे हथकरघा क्षेत्र से जुड़े लोगों का उत्साहवर्धन होगा।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस हर वर्ष सात अगस्त को मनाया जाता है। यह दिवस 1905 में शुरू हुए स्वदेशी आंदोलन की स्मृति में मनाया जाता है, जिसने स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा दिया और आत्मनिर्भरता की भावना को प्रोत्साहित किया।
प्रधानमंत्री ने बृहस्पतिवार रात इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में भी लोगों से हथकरघा उत्पाद खरीदने और उनसे जुड़े वीडियो बनाने की अपील की, ताकि दुनिया भर के लोगों का ध्यान भारतीय हथकरघा उत्पादों की ओर आकर्षित किया जा सके। उन्होंने कहा कि हथकरघा दिवस मनाने का अर्थ बुनकरों और छोटे व्यापारियों की मदद करना भी है।

