Site icon Dainik Savera Times

Haryana News : बड़ा फैसला : हरियाणा में अब 24 घंटे खुलेंगी मंडियां

Grain market will remain open

Grain market will remain open

चंडीगढ़। प्रदेश सरकार ने हरियाणा के किसानों और आढ़तियों की सुविधा को देखते हुए 24 घंटे मंडी खोलने का फैसला लिया है। यह महत्वपूर्ण फैसला हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (एचएसएएमबी) ने रबी खरीद सीजन के लिए लिया है।

416 मंडियों पर लागू होगा नियम

इससे किसानों को रात में भी गेहूं लाने और बेचने की सुविधा मिलेगी। बता दें कि इस बार प्रदेशभर में कुल 416 मंडियों का संचालन किया जा रहा है। पहले मंडियां तयसमय में खुलती थीं। आमतौर पर सुबह से शाम तक ही खरीद और गेट पास की प्रक्रिया चलती थी। रात के समय न तो गेहूं की एंट्री होती थी और न ही गेट पास जारी किए जाते थे, जिससे किसानों को इंतजार करना पड़ता था। अब नए आदेश के तहत मंडियां दिन-रात यानी 24 घंटे खुली रहेंगी। (Grain market will remain open)

खरीद प्रक्रिया पकड़ेगी जोर

नए फैसले के अनुसार अब रात में भी अनाज की आवक होगी और गेट पास जारी किए जाएंगे। इसके लिए अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था की गई है, जिसमें डाटा एंट्री ऑपरेटर और चौकीदार शामिल हैं। यह कर्मचारी किसानों का बायोमीट्रिक सत्यापन करेंगे, जिससे कि खरीद प्रक्रिया बिना रुकावट जारी रह सके। पहले तय समय की पाबंदी के कारण किसानों को काफी नुकसान हो रहा था। देर से पहुंचने पर फसल की एंट्री नहीं हो पाती थी। रात में गेट पास नहीं बनते थे।

किसानों का इंतजार होगा कम

कई बार किसानों को लंबा इंतजार करना पड़ता था या लौटना पड़ता था, जिससे समय और पैसा दोनों बर्बाद होेते थे। अब किसान किसी भी समय अनाज बेच सकेंगे। भीड़ कम होगी और इंतजार नहीं करना पड़ेगा। खरीद प्रक्रिया तेज और सुचारू होगी।

गोहाना के किसान कर रहे थे विरोध

पूर्व मंत्री जगबीर मलिक और बरोदा विधायक इन्दुराज नरवाल के नेतृत्व में क्षेत्र के सैकड़ों किसानों और ग्रामीणों ने किसानों पर लगाए नए नियमों के विरोध में सिंचाई विभाग रेस्ट हाउस से मिनी सचिवालय तक प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री हरियाणा के नाम ज्ञापन एसडीएम गोहाना को सौंपा था। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार के फैसलों को किसान विरोधी बताते हुए जमकर नारेबाजी की थी। प्रदर्शन के दबाव के बाद सरकार को फैसला बदलना पड़ा और अब मंडियों में 24 घंटे फसल खरीद सुनिश्चित करने का निर्णय लिया।

फैसले को पहली जीत बता रहे किसान

किसानों ने इसे अपनी पहली जीत बताते हुए कहा कि जब तक सभी किसान विरोधी नियम वापस नहीं लिए जाते, संघर्ष जारी रहेगा। मिनी सचिवालय पहुंचने पर एसडीएम मौके पर मौजूद नहीं मिलीं। इस पर विधायक इन्दुराज नरवाल किसानों के साथ वहीं धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे बाद एसडीएम पहुंचीं और किसानों से ज्ञापन लिया। किसानों ने कहा कि सरकार ने हाल ही में मंडियों में फसल बिक्री को लेकर कई नए नियम लागू किए हैं। (Grain market will remain open)

प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग

किसानों ने यह भी बताया कि मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अभी भी बड़ी संख्या में किसान अपनी रबी फसल का पंजीकरण नहीं करवा पाए हैं। बिना रजिस्ट्रेशन के किसानों को मंडियों में गेहूं बेचने में दिक्कत आ रही है। ज्ञापन में मांग की गई कि रबी फसल पंजीकरण के लिए पोर्टल को तुरंत दोबारा खोला जाए और किसानों पर लगाए जटिल नियमों को वापस लिया जाए। किसानों के अनुसार मंडी की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाना जरूरी है।

नए निर्देशों के विरोध में चेतावनी

नई मेला अनाज मंडी में शुक्रवार को गेहूं खरीद के लिए जारी नए निर्देशों के विरोध में किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। अखिल भारतीय किसान सभा (अभाकिस) के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान मार्केट कमेटी सचिव कार्यालय पहुंचे और विरोध दर्ज कराया। कार्यालय में सचिव के नहीं मिलने पर किसानों ने अन्य अधिकारियों से बातचीत की, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर वे बाहर आ गए और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदेश स्तरीय बैठक पांच को

नई मेला अनाज मंडी स्थित चौ. घासी राम रेस्ट हाउस में 5 अप्रैल को प्रदेश स्तरीय बैठक बुलाने की घोषणा की है। इसमें रणनीति तय होगी। उन्होंने नए नियमों को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि गेट पास से जुड़ी शर्तें परेशानी बढ़ा रही हैं। ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट अनिवार्य करने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि कई किसान ऐसे हैं जिनके पास यह सुविधा नहीं है। पहले गेट पास कभी भी बन जाता था, लेकिन अब 24 घंटे की प्रक्रिया किसानों को स्वीकार नहीं है। (Grain market will remain open)

Also Read : हरियाणा में आशियाने का सपना महंगा, कलेक्टर रेट लागू

Exit mobile version