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अस्पताल की बड़ी लापरवाही… तड़पती रही गर्भवती महिला, हुई मौत

मध्य प्रदेश: सरकारी अस्पताल की लापरवाही से दो लोगों की मौत हो गई। बता दें कि जिला अस्पताल में समय पर इलाज न मिलने के कारण ग्राम भैराहा की गर्भवती महिला मोना सेन और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्था पर गहरे सवाल खड़े करती है।

घंटों तड़पती रही महिला, नहीं मिली डॉक्टरों से मदद

परिजनों के अनुसार, मोना को प्रसव पीड़ा के चलते तुरंत जिला अस्पताल लाया गया था। अस्पताल पहुंचते ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, लेकिन मौके पर मौजूद डॉक्टरों और स्टाफ ने न तो समय पर जांच की और न ही कोई जरूरी उपचार शुरू किया। परिजनों ने बार-बार मेडिकल स्टाफ से गुहार लगाई, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।

इलाज के बिना तोड़ी आखिरी सांस

लगभग तीन घंटे तक अस्पताल में बेसुध पड़ी मोना सेन की हालत लगातार बिगड़ती रही। जब तक मेडिकल स्टाफ हरकत में आया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मोना और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर इलाज मिलता, तो दोनों की जान बचाई जा सकती थी।

अस्पताल प्रशासन ने दी सफाई, परिजनों ने किया खंडन

अस्पताल प्रशासन ने इस घटना को हार्ट अटैक से हुई मौत बताया है। हालांकि, मृतका के परिवार वालों और स्थानीय लोगों का मानना है कि यह पूरी तरह से स्वास्थ्य तंत्र की लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में न तो पर्याप्त स्टाफ था, और न ही गंभीर मरीजों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध थीं।

स्थानीय लोगों में आक्रोश, जांच की मांग

इस दुखद घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। गांववासियों और परिजनों ने दोषी मेडिकल स्टाफ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, जिला प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अस्पताल की कार्यप्रणाली में सुधार लाने की मांग उठ रही है।

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