Ground Water Recharge : देश में कुल वार्षिक भूगर्भ जल (जीडब्ल्यू) रिचार्ज में पिछले 7 वर्ष के दौरान 5 गुना वृद्धि हुई है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटील द्वारा जारी रिपोर्ट ‘‘भूगर्भ-जल संसाधन का परिवर्तनशील आकलन, 2024’’ के अनुसार वर्ष 2017 में देश में भूगर्भ जल रिचार्ज वार्षिक 3 अब घन मीटर (बीसीएम) हुआ करता था जो अब बढ़कर 15 बीसीएम तक पहुंच गया है।
मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार परिवर्तनशील भूगर्भ जल रिचार्ज की स्थिति का मूल्यांकन केंद्रीय भूगर्भ जल बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी) द्वारा राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्र के साथ संयुक्त रूप से किया गया है।
इसका उद्देश्य है कि इस रिपोर्ट के आधार पर संबद्ध पक्ष आवश्यकता पड़ने पर उपयुक्त हस्तक्षेप कर सकें। आकलन के अनुसार देश में कुल वार्षिक भूजल रिचार्ज 446.90 बीसीएम आंका गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार यदि प्राकृतिक रूप से खत्म होने वाले भूगर्भ जल को छोड़ दें तो निकालने योग्य योग्य भूजल संसाधन की वार्षिक उपलब्धता 406.19 बीसीएम रहती है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में सभी प्रकार के उपयोगों के लिए इस समय वार्षिक भूजल निष्कर्षण 245.64 बीसीएम है। देश में भूजल दोहन का औसत स्तर 60.47 प्रतिशत बताया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस अवधि में लाल पोखरों और जल संरक्षण के अन्य प्रणालियों से भूगर्भ जल रिचार्ज में वृद्धि हुई है। रिपोर्ट जारी करने के लिए कल आयोजित कार्यक्रम में जल संसाधन विभाग की सचिव देवश्री मुखर्जी, मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव सुबोध यादव और केंद्रीय भूगर्भ जल बोर्ड के अध्यक्ष डॉ सुनील कुमार उपस्थित थे।