गिर सोमनाथ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गुजरात के सोमनाथ में आयोजित ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ सहित कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने भगवान सोमनाथ मंदिर से जुड़ा एक स्मारक डाक टिकट और स्मारक सिक्का जारी किया। इसके साथ ही उन्होंने विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सोमनाथ धाम के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व के बारे में बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “आज भारत विकास के साथ-साथ अपनी विरासत को भी आगे बढ़ा रहा है। आजादी के बाद सोमनाथ का पुनर्निर्माण भारत के स्वाभिमान के उदय का प्रतीक था। भगवान महादेव शाश्वत हैं, समय से परे हैं और स्वयं समय का स्वरूप हैं।”
सोमनाथ की भव्य और दिव्य पावन धरा पर महादेव के चरणों में महापूजा और कुंभाभिषेक का परम सौभाग्य प्राप्त करना जीवन के अत्यंत भावपूर्ण और अविस्मरणीय क्षणों में से एक है। ईश्वर रूपी जनता जनार्दन का स्मरण करते हुए महादेव के दर्शन और पूजन का यह अलौकिक अवसर, हृदय को अनंत आध्यात्मिक ऊर्जा,… pic.twitter.com/SDmJcisPYo
— Narendra Modi (@narendramodi) May 11, 2026
उन्होंने कहा कि आज भगवान सोमनाथ की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने इसे भारत की आस्था, पुनर्जागरण और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि वह सोमनाथ के एक समर्पित भक्त के रूप में कई बार यहां आ चुके हैं। ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस पवित्र धाम से जुड़ना उनके लिए सदैव विशेष और भावनात्मक अनुभव रहा है।
उन्होंने कहा, “दादा सोमनाथ के अनन्य भक्त के रूप में मैं कई बार यहां आया हूं और अनेक बार उनके सामने नतमस्तक हुआ हूं। लेकिन आज जब मैं यहां आ रहा था, तो समय की यह यात्रा एक सुखद अनुभूति दे रही थी। अभी कुछ ही महीने पहले मैं यहां आया था, तब हम सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मना रहे थे। प्रथम विध्वंस के 1,000 वर्ष बाद भी सोमनाथ के अविनाशी होने का गर्व और आज इस आधुनिक स्वरूप की प्राण-प्रतिष्ठा के 75 वर्ष, हम केवल दो आयोजनों का हिस्सा भर नहीं बने हैं, बल्कि हमें हजार वर्षों की इस अमृत यात्रा को अनुभव करने का शिवजी ने अवसर दिया है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “समय स्वयं जिनकी इच्छा से प्रकट होता है, जो स्वयं कालातीत हैं और स्वयं कालस्वरूप हैं, आज उन देवाधिदेव महादेव की विग्रह-प्रतिष्ठा के 75 वर्ष हम मना रहे हैं। यह सृष्टि जिनसे उत्पन्न होती है और जिनमें विलय हो जाती है, आज हम उनके धाम के पुनर्निर्माण का उत्सव मना रहे हैं। जो हलाहल पीकर नीलकंठ बने, आज उन्हीं की शरण में यहां सोमनाथ अमृत महोत्सव आयोजित हो रहा है। यह सब भगवान सदाशिव की ही लीला है।”
पीएम मोदी ने कहा, “आज प्रभास पाटन का यह पवित्र क्षेत्र एक अद्भुत आभा से भरा हुआ है। महादेव का यह साक्षात्कार, सौंदर्य, धरती और आसमान से हुई पुष्पवर्षा, भगवा ध्वजों की आभा, कला, संगीत और नृत्य की अद्भुत प्रस्तुतियां, वेद मंत्रों का उच्चारण, गर्भगृह में हो रहा शिव पंचाक्षरी का अखंड पाठ और इसके साथ सागर की लहरों का जयघोष… ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो पूरी सृष्टि एक स्वर में बोल रही हो – जय सोमनाथ।”

