नई दिल्लीः संसद के विशेष सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू हो चुकी है। कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो रही है, जिनमें राज्यसभा के उपसभापति का चुनाव और परिसीमन बिल प्रमुख हैं। वहीं, राज्यसभा में हरिवंश नारायण सिंह को लगातार तीसरी बार उपसभापति चुना गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह उनकी कार्यशैली और अनुभव का सम्मान है। उन्होंने हमेशा सभी दलों को साथ लेकर चलने की कोशिश की है। उनके नेतृत्व में सदन की कार्यक्षमता बेहतर हुई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैं हरिवंश जी को बधाई देता हूं। राज्य सभा उपसभापति के रूप में लगातार तीसरी बार निर्वाचित होना अपने आप में इस सदन का आपके प्रति गहरा विश्वास है। सबको साथ लेकर चलने का आपका जो प्रयास रहा है उसको एक प्रकार से सदन ने आज मोहर लगा दी है। ये एक सहज… pic.twitter.com/S5RC0O90V2
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 17, 2026
खड़गे ने भी दी शुभकामनाएं
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी हरिवंश नारायण सिंह को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आप इस पद के पूरी तरह योग्य हैं। आपके अनुभव से सदन को फायदा मिलेगा
महिला आरक्षण और परिसीमन पर गरमागरम बहस
गुरुवार को महिला आरक्षण बिल और परिसीमन के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस हुई।
सरकार का पक्ष
- महिला आरक्षण बिल देश के लिए जरूरी है
- इससे महिलाओं को राजनीति में अधिक भागीदारी मिलेगी
विपक्ष का आरोप
- सरकार की नीयत पर भरोसा नहीं है
- महिला आरक्षण के बहाने परिसीमन को लागू करने की कोशिश हो रही है
विपक्ष की मुख्य मांग
विपक्षी दलों का कहना है कि वे महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन इसे परिसीमन से अलग किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि यह “छलावा” है और इसके पीछे छिपा एजेंडा है।
अमित शाह आज देंगे जवाब
गृहमंत्री अमित शाह आज परिसीमन बिल से जुड़े सभी सवालों का जवाब देंगे। उन्होंने पहले ही कुछ बातें स्पष्ट की हैं। सरकार जातीय जनगणना के खिलाफ नहीं है। जनगणना दो चरणों में होती है।
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- पहले मकानों की गिनती
- फिर लोगों की जानकारी
उन्होंने “850” के आंकड़े को भी समझाया। मान लें 100 सीटें हैं और 33% आरक्षण देना है। तब सीटों की संख्या बढ़ानी पड़ सकती है। यह सिर्फ एक उदाहरण (राउंड फिगर) है
आगे क्या होगा?
आज संसद में इन मुद्दों पर और गहरी चर्चा होने की संभावना है। खासकर परिसीमन और महिला आरक्षण को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बहस और तेज हो सकती है।

