Haryana Govt Important Decisions चंडीगढ़। सरकार ने ईंधन बचत और ऊर्जा संरक्षण के लिए बड़े फैसले लिए हैं। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी निर्देशों के तहत सितंबर तक सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की सभी विदेशी यात्राओं पर रोक लगा दी है। इसके अलावा रैली, रोड शो, वाहन जुलूस और बड़े सार्वजनिक आयोजनों पर भी प्रतिबंध है।
ईंधन संकट कम करने पर जोर
सरकार ने ये कदम बढ़ते ईंधन संकट और आर्थिक दबाव को देखते हुए उठाए हैं। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए हैं और सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे। आदेश में कहा गया है कि कोविड महामारी के बाद वैश्विक आपूर्ति सामान्य नहीं हो पाई है। इसके साथ रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण ईंधन, खाद्य पदार्थों, उर्वरकों और अन्य आयातित संसाधनों की लागत बढ़ी है। इसका असर देश की अर्थव्यवस्था और आयात बिल पर पड़ रहा है। इसी वजह से राज्य सरकार ने व्यापक ऊर्जा संरक्षण अभियान शुरू किया है।
अधिकारियों की विदेश यात्राओं पर रोक
सरकार ने फैसला लिया है कि सितंबर 2026 तक सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों, बोर्डों, निगमों और स्थानीय निकायों के कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की विदेश यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह रोक सरकारी और निजी दोनों तरह की यात्राओं पर लागू होगी। केवल मेडिकल उपचार के मामलों में छूट दी जाएगी। 50 प्रतिशत बैठकें होंगी ऑनलाइन: ईंधन की खपत कम करने के लिए सभी विभागों को कम से कम 50 प्रतिशत बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सार्वजनिक आयोजनों पर भी रहेगी रोक
अधिकारियों की अनावश्यक आवाजाही कम करने पर जोर दिया गया है। उद्योग विभाग को भी निजी क्षेत्र में वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने और कार्यालयों के समय में बदलाव के विकल्प तलाशने को कहा गया है ताकि ट्रैफिक और ईंधन खपत दोनों कम हो सकें। सरकार ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को निर्देश दिए हैं कि सितंबर 2026 तक किसी भी प्रकार की सभा, रैली, रोड शो, वाहन जुलूस या बड़े सार्वजनिक आयोजन की अनुमति न दी जाए। साथ ही सरकारी समारोहों, सेमिनारों, वर्किंग लंच, डिनर और मनोरंजन संबंधी कार्यक्रमों पर होने वाले खर्च में कटौती करने को कहा गया है।
20 प्रतिशत कमी लाने का लक्ष्य
वित्त विभाग को सभी सरकारी विभागों के पेट्रोलियम उत्पादों पर होने वाले खर्च में 20 प्रतिशत कमी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। हर विभाग को हर महीने प्रमाण-पत्र देना होगा कि सरकारी वाहनों के उपयोग में कम से कम 10 प्रतिशत कमी लाई गई है। इसके लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल भी विकसित किया जाएगा, जहां विभाग अपनी अनुपालन रिपोर्ट अपलोड करेंगे। सरकार ने सितंबर 2026 तक सभी सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और आयोगों में नए गैर-इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।
VVIP काफिलों से भी कम होंगे वाहन
साथ ही प्रदेशभर में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन और चार्जिंग नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जाएगा। शहरी निकायों को साइकिल ट्रैक और पब्लिक साइकिल शेयरिंग सिस्टम विकसित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है। आदेशों के अनुसार सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वीवीआईपी काफिलों में शामिल वाहनों की संख्या में 50 प्रतिशत तक कमी लाने का प्रयास किया जाएगा। सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने और ईंधन दक्ष बस सेवाओं को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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