चंडीगढ़। सरकार की UPSC से उच्च स्तरीय बैठक के बाद हरियाणा पुलिस सेवा के 21 अफसरों को प्रमोट करके भारतीय पुलिस सेवा-IPS में शामिल कर लिया है।
4 अधिकारी हो चुके रिटायर्ड
इस बारे में केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से बाकायदा अधिसूचना जारी की है। इस बड़े फैसले के बाद से ही पुलिस महकमे और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। यहां उल्लेखनीय ये भी है कि जिन 21 अधिकारियों को प्रमोट किया है। उनमें से 4 अधिकारी सरकारी सेवा पूरी कर रिटायर भी हो चुके हैं। पात्रता अवधि के दौरान उनके बेहतरीन रिकॉर्ड को देखते हुए सरकार ने उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद भी सम्मान दिया है।
महत्वपूर्ण भूमिका का मिला ईनाम
प्रमोट होने वाले इन सभी अफसरों ने फील्ड में रहते हुए हरियाणा के अलग-अलग जिलों, खुफिया विभागों और विशेष विंगों में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने में सालों तक अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। चंडीगढ़ स्थित पुलिस मुख्यालय (DGP ऑफिस) तक इन आदेशों की कॉपी पहुंची, अधिकारियों में खुशी का माहौल बन गया। सालों से अटकी इस फाइल के क्लियर होने का इंतजार सिर्फ इन अफसरों को ही नहीं, बल्कि पूरे महकमे को था। आईपीएस कैडर मिलने के बाद अब इन अधिकारियों के कंधे पर बड़ी जिम्मेदारी आएगी।
बदलेंगे दफ्तरों के समीकरण
कयास लगाए जा रहे हैं कि राज्य सरकार जल्द ही इन प्रमोटेड अफसरों की नई पोस्टिंग लिस्ट जारी कर सकती है, जिससे कई जिलों के कप्तानों (SP) और रेंज कमिश्नर दफ्तरों के समीकरण बदलेंगे। राज्य पुलिस सेवा से केंद्रीय सेवा यानी आईपीएस में जाने का यह रास्ता इतना आसान नहीं था। इसके लिए राज्य सरकार की तरफ से अधिकारियों के सर्विस रिकॉर्ड, एसीआर (ACR) और विजिलेंस क्लीयरेंस की फाइलों को कई बार खंगाला गया। इसके बाद दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्रालय और यूपीएससी के साथ राज्य के शीर्ष अधिकारियों की बैठकें हुईं। सभी कानूनी और विभागीय अड़चनों को दूर करने के बाद आखिरकार केंद्र सरकार ने इन 21 जांबाज अफसरों के नाम पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी।
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