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हरियाणा से सामने आए चिंताजनक आंकड़े, 6 सालों में 18 हजार लोगों की हार्ट अटैक से गई जान

young deaths in haryana

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हरियाणा डेस्क: हरियाणा से एक चिंताजनक आंकड़ा सामने आया है, जहां पिछले करीब छह वर्षों में बड़ी संख्या में युवाओं की मौत हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर के कारण हुई है। राज्य सरकार ने विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि जनवरी 2020 से जनवरी 2026 के बीच 18 से 45 वर्ष की उम्र के लगभग 18 हजार लोगों की जान इन कारणों से जा चुकी है।

यह जानकारी सरकार ने एक कांग्रेस विधायक के सवाल के लिखित जवाब में दी। विधायक ने पूछा था कि साल 2020 से अब तक युवाओं में हार्ट अटैक या हार्ट फेलियर से कितनी मौतें हुई हैं और उनका साल-दर-साल तथा जिला-दर-जिला विवरण क्या है।

सरकार द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, साल 2020 में 2,394 मौतें दर्ज की गईं। इसके बाद 2021 में यह संख्या बढ़कर 3,188 हो गई। साल 2022 में 2,796, 2023 में 2,886, 2024 में 3,063 और 2025 में 3,255 लोगों की मौत हुई। वहीं जनवरी 2026 में 391 मौतें दर्ज की गईं। इन सभी आंकड़ों को मिलाकर कुल मौतों की संख्या 17,973 पहुंचती है।

विधायक ने यह भी जानना चाहा कि क्या इन मौतों का कोविड-19 संक्रमण या कोविड वैक्सीन से कोई संबंध है और इस पर कोई सर्वे या रिसर्च कराई गई है या नहीं। इसके जवाब में सरकार ने साफ किया कि इस विषय में कोई अध्ययन या सर्वे नहीं किया गया है।

विधानसभा में अलग-अलग जिलों के आंकड़े भी पेश किए गए। इनमें यमुनानगर जिले में हर साल मौतों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक रही। यहां 2020 से 2025 तक क्रमशः 387, 461, 375, 378, 410 और 389 लोगों की मौत दर्ज की गई। वहीं रोहतक जिले में सबसे कम मामले सामने आए। यहां 2020 में 33, 2021 में 41, 2022 में 40, 2023 में 27, 2024 में 30 और 2025 में 30 मौतें हुईं। गुरुग्राम जिले की बात करें तो यहां 2020 से 2025 के बीच क्रमशः 113, 105, 116, 114, 93 और 83 लोगों की जान हार्ट अटैक या हार्ट फेलियर से गई।

इन आंकड़ों ने युवाओं की सेहत को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जीवनशैली, तनाव, खान-पान की आदतें और शारीरिक गतिविधियों की कमी जैसे कारण इस बढ़ती समस्या के पीछे हो सकते हैं।

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