अंबाला छावनी: अंबाला छावनी के नजदीकी दिलीप गढ़ गांव के 40 वर्षीय दीपक की यमुना नहर (बागपत) किनारे संदिग्ध हालत में शव मिलने से परिजनों में सनसनी फैल गई। सम्भालखा (पानीपत) निवासी दोस्त रवि से रेलवे नौकरी के लिए लाख रुपए वापस मांगने पर 7 जनवरी को मिलने सम्भालखा गए दीपक का फोन बंद होने के बाद कई बार उसे संपर्क करने की कोशिश की गई परंतु बात नहीं हो पाई, पुलिस ने शुक्रवार देर शाम परिवार को दीपक के कत्ल की सूचना दी।
घटना का विवरण
दीपक 6 जनवरी को रवि से मीटिंग कर लौटे थे, जिन्होंने 7 जनवरी को सम्भालखा के नजदीक खंडहर नुमा मकान पर 5 लाख रुपए देने का वादा किया था। वहां रवि के साथ तीन-चार अन्य लोग मौजूद होने की बात दीपक ने प}ी सरिता को बताई थी। फोन बंद होने पर सरिता ने रवि से संपर्क किया तो उसने इनकार किया, जिसके बाद बागपत पुलिस ने शव की पहचान कर सूचना दी। पोस्टमार्टम शनिवार दोपहर बाद हुआ।
परिजनों का आरोप
सरिता ने बताया कि दीपक अंबाला छावनी में सीनियर टेक्नीशियन के रूप में अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर तैनात थे पूरे परिवार के एक वही कमाने वाले थे, हमेशा अपनी हर गतिविधि साझा करते थे और पहले भी पैसे मांगने जाने पर उनका फोन बंद करवा दिया जाता था। दीपक ने अपने साथ रेलवे में कार्यरत रवि को छोटे भाई की नौकरी लगवाने के लिए विभिन्न किस्तों के माध्यम से 25 से 30 लाख रुपए दिए हुए थे जिनमें से 5,00000 लेने के लिए दीपक रवि से मिलने गया था परंतु रवि ने कहा कि दीपक नहीं आया, बैटरी खत्म हो गई होगी, लेकिन बागपत पुलिस ने अंबाला छावनी पुलिस के माध्यम से हादसे की पुष्टि की। परिवार में मां, छोटा भाई, प}ी, दो बेटियां और एक बेटा है।
पुलिस कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के बागपत से पुलिस निरीक्षक जितेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना के आधार पर दीपक का शव नहर किनारे से मिला था जिसकी गला रेत कर हत्या की गई प्रतीत होती है बाकी की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं परिजनों के बयान के आधार पर की जाएगी अभी 2 दिन से मोर्चरी में रखे शव का पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद दीपक का पार्थिव शरीर परिजनों को सौंपा जाएगा। इधर अंबाला छावनी में परिजन अंतिम दर्शन के लिए दीपक के घर इकट्ठे होना शुरू हो गए हैं। देर शाम तक शव अंबाला नहीं पहुंचा था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

