नेशनल डेस्कः यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात हुए दर्दनाक बस हादसे में चरखारी कस्बे के एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। स्लीपर बस में आग लगने की घटना में चरखारी के छैलबिहारी मोहल्ला निवासी भाजपा जिला कोषाध्यक्ष नीरज गुप्ता की पत्नी सुनीता और उनके बेटे शशांक की मौत हो गई। मृतकों में 50 वर्षीय सुनीता गुप्ता और उनका 25 वर्षीय बेटा शशांक गुप्ता शामिल हैं। दोनों मां-बेटे बस से चरखारी आ रहे थे।
शुक्रवार सुबह हुई मौत की पुष्टि
हादसे के बाद गुरुवार को पूरे दिन परिवार को यह जानकारी नहीं मिल पा रही थी कि सुनीता और शशांक का क्या हुआ। परिवार के लोग लगातार दोनों के बारे में जानकारी जुटाने में लगे रहे। नीरज गुप्ता के भाई अजय गुप्ता और छोटे बेटे निखिल हादसे की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे थे। हालांकि रातभर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हो सकी।
शुक्रवार सुबह फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट सामने आने के बाद सुनीता और शशांक की मौत की पुष्टि हुई। जैसे ही परिवार को यह खबर मिली, घर में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और खबर सुनने के बाद बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचने लगे।
हादसे से पहले पत्नी से हुई थी फोन पर बात
नीरज गुप्ता कस्बे में मेडिकल स्टोर चलाते हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार रात करीब साढ़े 10 बजे उनकी पत्नी सुनीता से फोन पर बात हुई थी। बातचीत के कुछ समय बाद ही उन्हें बस में आग लगने की घटना की जानकारी मिली। इसके बाद पत्नी और बेटे से संपर्क नहीं हो पाया। परिवार के लोग लगातार दोनों की जानकारी लेने की कोशिश करते रहे।
दिल्ली में इंडिगो एयरलाइंस में इंजीनियर था शशांक
नीरज गुप्ता का 25 वर्षीय बेटा शशांक दिल्ली में इंडिगो एयरलाइंस में इंजीनियर के पद पर काम करता था। वह अपनी मां सुनीता के साथ चरखारी लौट रहा था। परिजनों के अनुसार, ट्रेन में रिजर्वेशन नहीं मिल पाने के कारण मां-बेटे ने राज कल्पना ट्रैवल्स की डबल डेकर स्लीपर बस से यात्रा करने का फैसला किया था। लेकिन यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में आग लगने के बाद दोनों की जान चली गई।
रातभर परिवार को नहीं मिल पाई सही जानकारी
हादसे की खबर मिलने के बाद नीरज गुप्ता के भाई अजय गुप्ता और छोटे बेटे निखिल तुरंत मौके पर पहुंचे। परिवार को उम्मीद थी कि शायद सुनीता और शशांक सुरक्षित हों, लेकिन काफी समय तक उनकी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। फोरेंसिक टीम की जांच के बाद शुक्रवार सुबह दोनों की मौत की पुष्टि हुई। इसके बाद अजय गुप्ता ने परिवार के अन्य सदस्यों को यह दुखद जानकारी दी।
बस के रजिस्ट्रेशन को लेकर एआरटीओ ने दी जानकारी
एआरटीओ दयाशंकर ने बताया कि जिस बस में आग लगी, उसका मालिक दिल्ली का रहने वाला है, जबकि बस का रजिस्ट्रेशन मधुबनी, बिहार का है। अधिकारी के अनुसार, महोबा में इस बस का कोई चालान दर्ज नहीं हुआ था। हादसे के बाद बस से जुड़े दस्तावेजों और घटना की जांच की जा रही है।
परिवार में पसरा मातम
सुनीता और शशांक की मौत की खबर के बाद चरखारी के छैलबिहारी मोहल्ले में शोक का माहौल है। एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से परिजन सदमे में हैं। स्थानीय लोग और परिचित बड़ी संख्या में नीरज गुप्ता के घर पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।

