Agroha Dham Gears Up for Grand National Fair on Sharad Purnima : नारनौल। शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर 25 अक्टूबर को अग्रोहा धाम में आयोजित होने वाला राष्ट्रीय वार्षिक मेला धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और भारतीय संस्कृति का भव्य संगम बनेगा।
मेले में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन के लिए 700 से अधिक सेवादारों की ड्यूटी लगाई गई है। अग्रोहा धाम के प्रदेश प्रवक्ता एवं प्रमुख समाजसेवी डॉ. राजकुमार गोयल ने बताया कि राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग दास गर्ग के नेतृत्व में आयोजित होने वाले इस मेले में धार्मिक अनुष्ठान, विशाल महासम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और भंडारे सहित अनेक आयोजन होंगे। मेले में वैश्य समाज के प्रतिनिधियों, व्यापारियों, उद्योगपतियों, समाजसेवियों और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता, जगतगुरु ब्रह्मर्षि कुमार स्वामी, अग्रोहा धाम के संरक्षक एवं पूर्व राज्यसभा सांसद सुभाष चंद्रा, हरियाणा के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल, पंजाब के कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र गोयल तथा उद्योगपति एवं विधायक सावित्री जिंदल सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों के पहुंचने की संभावना है। प्रसिद्ध कलाकार मासूम शर्मा और भजन गायिका अंजलि द्विवेदी की प्रस्तुतियां भी मेले का विशेष आकर्षण रहेंगी। डॉ. गोयल के अनुसार, मेले के दौरान श्रद्धालु शक्ति सरोवर में स्नान करने के साथ विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना और आरती में भाग लेंगे। कलश यात्रा, माता महालक्ष्मी का छप्पन भोग, ध्वजारोहण और विशाल भंडारे सहित कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
अग्रोहा धाम में माता महालक्ष्मी, महाराजा अग्रसेन, माता सरस्वती, माता वैष्णो देवी, अमरनाथ की बर्फानी गुफा, तिरुपति बालाजी, भैरव बाबा और रामेश्वर धाम सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि मां गंगा अवतरण, 90 फुट ऊंची बाबा हनुमान जी की प्रतिमा तथा श्रीकृष्ण लीला और श्रीराम लीला की विद्युत संचालित झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। बच्चों और परिवारों के मनोरंजन के लिए झूलों की व्यवस्था भी की गई है। राष्ट्रीय मेले के तहत आयोजित महासम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों से सामाजिक प्रतिनिधि और गणमान्य व्यक्ति भाग लेंगे।
सम्मेलन में शिक्षा, सामाजिक सेवा, संस्कार, समाज के सामने मौजूद चुनौतियों और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। समाज और देश के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया जाएगा। डॉ. गोयल ने कहा कि अग्रोहा धाम केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि महाराजा अग्रसेन की सामाजिक विचारधारा और आदर्शों का प्रतीक है। महाराजा अग्रसेन का जीवन आपसी सहयोग, समानता, भाईचारे और जरूरतमंदों की सहायता की प्रेरणा देता है।

