अलीगढ़ के हरदुआगंज थाना क्षेत्र के गांव दीनदयालपुर में अगस्त माह में लोडर चालक सचिन की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत अब हत्या साबित हुई है। पुलिस जांच में यह सामने आया कि सचिन की जान किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसकी पत्नी मधु और सगे छोटे भाई धर्मेंद्र प्रताप ने ली थी।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या अथवा दुर्घटना का प्रतीत हो रहा था। शव घर के बरामदे में फंदे से लटका मिला था और सिर में चोट के निशान थे। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गला घोंटना पाया गया, जिसके बाद मामले की दोबारा जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस को पारिवारिक स्तर पर विरोधाभासी बयान मिले। कॉल डिटेल, पारिवारिक जानकारी और स्थानीय स्तर पर की गई पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि मृतक की पत्नी और उसके छोटे भाई के बीच आपसी संबंध थे। सचिन को इसकी जानकारी हो चुकी थी और वह लगातार इसका विरोध कर रहा था।
घटना वाली रात सचिन घर में सो रहा था। इसी दौरान दोनों आरोपियों ने उसकी हत्या की और बाद में शव को फंदे से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया। तकनीकी और चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया।
पुलिस दबाव बढ़ने पर दोनों आरोपी कुछ समय के लिए फरार भी रहे, लेकिन बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में बुढ़ासी हल्का प्रभारी की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
सीओ राजीव द्विवेदी ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका स्पष्ट है और दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। बताया गया कि मृतक सचिन की शादी करीब सात वर्ष पहले हुई थी और उसके दो छोटे बच्चे हैं। घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।

