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हरसमय पोर्टल में बदलाव से बढ़ी अफरा-तफरी, अधिवक्ता परेशान

अंबाला सिटी। एफआईआर की जानकारी सुलभ कराने के लिए शुरू किया गया हरसमय पोर्टल अब बड़ी परेशानी बन गया है। पहले अधिवक्ता कोर्ट जाने से पहले इसी पोर्टल से एफआईआर की कॉपी मिनटों में निकाल लेते थे। पुराने मामलों की एफआईआर भी बिना बाधा तुरंत मिल जाती थी।

लेकिन हाल ही में पोर्टल में किए गए बदलावों ने पूरी प्रक्रिया कठिन बना दी है। अब एफआईआर डाउनलोड करने के लिए अनिवार्य रूप से मोबाइल नंबर दर्ज करना पड़ता है। पोर्टल एक नंबर पर सीमित ओटीपी भेजता है, इसलिए अधिवक्ता पूरे दिन नए नंबरों की तलाश में भटकते रहते हैं। फिर भी कई बार एफआईआर डाउनलोड नहीं हो पाती।

वरिष्ठ अधिवक्ता व बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान रोहित जैन ने बताया कि अधिवक्ताओं को रोजाना कई केसों की तैयारी करनी होती है। इसके लिए एफआईआर की प्रति जरूरी होती है, जो पहले तुरंत मिल जाती थी। मगर नई व्यवस्था ने कार्य में बाधा बढ़ाई है और समय भी ज्यादा लग रहा है। इसलिए अधिवक्ताओं ने डीजीपी ओपी सिंह को पत्र लिखकर पुरानी प्रणाली बहाल करने की मांग की है।

अधिवक्ताओं का कहना है कि वर्तमान प्रक्रिया न तो व्यावहारिक है और न ही उपयोगी। उनका तर्क है कि यदि पोर्टल पहले की तरह खुला रहे, तो केस की तैयारी तेज और सटीक हो सकेगी।

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