
झज्जर। बहादुरगढ़ में महाराजा अग्रसेन अस्पताल सीवर हादसे में प्लंबर सुनील की मौत होने और उसके साथी कपिल के कोमा में जाने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। इस संबंध में किसान नेता रमेश दलाल ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए एक करोड़ के मुआवजे की मांग की है।
इसके अलावा कार्रवाई नहीं होने पर 10 जून से बड़े आंदोलन का अल्टीमेटम दिया है। झज्जर के बहादुरगढ़ में महाराजा अग्रसेन अस्पताल में हुए हाई-प्रोफाइल सीवर हादसे को लेकर राजनीतिक और सामाजिक दबाव बढ़ रहा है। घटना के 20 दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से लोगों में भारी गुस्सा है। किसान नेता रमेश दलाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अस्पताल प्रबंधन, पुलिस और प्रशासन के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए । दलाल ने बताया कि इस हादसे में प्लंबर सुनील की जान चली गई, जबकि कपिल कोमा में है और जिंदगी-मौत के बीच जूझ रहा है।
दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई न होने से न्याय व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में ग्रामीणों, सरपंचों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी व निष्पक्ष जांच की मांग की। किसान नेता रमेश दलाल ने आरोप लगाया कि अग्रसेन अस्पताल प्रबंधन ने तथ्यों को छिपाया और पुलिस ने FIR दर्ज करने में बेवजह देरी की। इस मामले में सबूतों के साथ छेड़छाड़ की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने पीड़ित परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजे और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। अस्पताल प्रबंधन, पुलिस और प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए रमेश दलाल ने चेतावनी दी कि अगर पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो 10 जून को एक बड़ा फैसला लिया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर आंदोलन, धरना-प्रदर्शन या जन-आंदोलन की घोषणा की जा सकती है।
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