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ऑटोमैटिक सिस्टम से होगी डिफॉल्टर जन सूचना अधिकारियों के वेतन से जुर्माना राशि की वसूल

August 19, 2023

ऑटोमैटिक सिस्टम से होगी डिफॉल्टर जन सूचना अधिकारियों के वेतन से जुर्माना राशि की वसूल

चंडीगढ़ : लोकायुक्त जस्टिस हरि पाल वर्मा को केस की सुनवाई के दौरान सरकार ने अवगत कराया कि अब इन डिफॉल्टर जन सूचना अधिकारियों के वेतन से ऑटोमैटिक सिस्टम के तहत जुर्माना राशि कटेगी। इसके लिए राज्य सूचना आयोग ने राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र (एनआईसी) को ऐसा मॉड्यूल विकसित करने का आग्रह किया है। जिसके तहत जुर्माना राशि को मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) से लिंक किया जाएगा। फिर आगे इसे कर्मचारियों की ई-सेलरी से लिंक किया जाएगा। इसके अलावा सरकार ने सभी कंट्रोलिंग अथॉरिटी को आदेश दिए हैं कि किसी भी डिफॉल्टर जन सूचना अधिकारी को तब तक अनापत्ति प्रमाण पत्र अथवा अंतिम वेतन प्रमाण पत्र जारी न करें, जब तक वह बकाया जुर्माना राशि जमा नहीं करवाता।

डिफॉल्टर जन सूचना अधिकारियों वर्षों से 2,65,87,290 रुपये की जुर्माना राशि बकाया है। लोकायुक्त इस केस की सुनवाई 05 अक्तूबर को करेंगे। आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने 21 जुलाई 2020 को लोकायुक्त कोर्ट में केस दायर करके प्रदेश के कुल 1760 डिफॉल्टर जन सूचना अधिकारियों से करोड़ों रुपये की बकाया जुर्माना राशि वसूली कराने की मांग की थी। शिकायत में आरोप लगाया कि जन सूचना अधिकारी न तो निर्धारित 30 दिन में सूचना देते हैं और न ही सूचना आयोग द्वारा लगाई गई जुर्माना राशि को सरकारी खजाने में जमा करवाते हैं। इन डिफाल्टरों में कई एचसीएस व गजेटिड ऑफिसर भी शामिल हैं, जो वर्षों से जुर्माना राशि दबाकर बैठे हैं। लोकायुक्त के नोटिस के पश्चात मार्च 2021 में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जुर्माना राशि वसूली के लिए उच्च स्तरीय मॉनीटरिंग भी कमेटी गठित हुई थी।

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