भिवानी जिले के लोहारू की शिक्षिका मनीषा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने पूरे प्रदेश में गुस्सा और आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। इसी के चलते इंद्री कस्बे में बड़ी संख्या में युवाओं ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर थामे हुए सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। युवाओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक मनीषा की मौत की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच नहीं होगी, तब तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
आक्रोशित युवाओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा की स्थिति बेहद चिंताजनक है। आए दिन छात्राओं, महिलाओं और शिक्षिकाओं के साथ अन्याय और अत्याचार की खबरें सामने आती रहती हैं, जिससे समाज में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। उनका कहना था कि मनीषा जैसी जागरूक और समाज को शिक्षित करने वाली शिक्षिका अगर सुरक्षित नहीं है, तो आम बेटियों का क्या होगा।
युवाओं ने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच उच्चस्तरीय एजेंसी से कराई जाए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई भी बेटी या महिला इस तरह की त्रासदी का शिकार न बने। प्रदर्शनकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि अगर सरकार और प्रशासन ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया तो प्रदेशभर में और भी बड़े आंदोलन खड़े किए जाएंगे।

