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सड़कों में घटिया सामग्री लगाए जाने का मामला : Anti Corruption Bureau की Team ने लिए सैंपल

June 7, 2024

सड़कों में घटिया सामग्री लगाए जाने का मामला : Anti Corruption Bureau की Team ने लिए सैंपल

महेंद्रगढ़: शहर की सड़कों के टेंडर की गलत अलॉटमेंट किए जाने और सड़कों में घटिया सामग्री लगाए जाने के मामले में एंटी क्रप्शन ब्यूरो (एसीबी) पंचकुला की टीम ने दो दिन में शहर की सात सड़कों के सैंपल लिए हैं। हालांकि दस सड़कों के सैंपल लिए जाने थे लेकिन न सड़कों की पेमेंट नहीं होने की वजह से उनकी सैंपलिंग नहीं की गई। अब ये सैंपल मधुबन की लैब में भेजे जाएंगे।

बता दें कि गुप्तचर विभाग के महानिदेशक ने 01 जनवरी 2022 को शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक एवं एंटी करप्शन ब्यूरो को शहर के विकास कार्यों में घटिया सामग्री लगाए जाने और टेंडर के गलत अलॉटमेंट किए जाने की रिपोर्ट भेजी थी। इस रिपोर्ट में शहर में बनाई गई 2 करोड़ 34 लाख 07 हजार रुपये की दस सड़कों को जिक्र किया गया था। साथ में यह भी बताया गया था कि किन-किन अधिकारियों का कितना-कितना कमीशन सेट था।

गुप्तचर विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक तत्कालीन एसडीएम, सचिव, एमई, जेई तथा कार्यकारी प्रधान और दो ठेकेदारों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। गुप्तचर विभाग की रिपोर्ट के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम हरकत में आई। एंटी करप्टशन ब्यूरो की टीम 6 मई को सैंपलिंग के लिए पहुंची थी तो उस दिन न तो नपा अधिकारी आए और न ही सैंपलिंग में प्रयोग होने वाले उपकरण की व्यवस्था की गई। उस दिन टीम ने नगर पालिका अधिकारियों के नाम नोटिस जारी कर वापस लौटना पड़ा।

जबकि इस एसीबी की ओर से नपा अधिकारियों को पहले ही आने के लिए सूचित कर दिया गया था। पिछले दो दिन से टीम महेंद्रगढ़ में आई हुई है। इस दौरान एक्सईएन एंटी करप्टशन ब्यूरो पंचकुला जय सिंह, विजिलेंस महेंद्रगढ़ इंचार्ज निरीक्षक ईश्वर सिंह ने शहर की सात सड़कों की सैंपलिंग करवाई। सभी सैंपल को अलग-अलग बैग में डाले गए हैं और उनकी पूरी रिपोर्ट तैयार की गई है। अब ये सैंपल जांच के लिए मधुबन लैब में भेजे जाएंगे।

यह सैंपलिंग आरोपी तत्कालीन एमई की उपस्थित में हुई है। इस मौके पर शिकायकर्ता पूर्व नगर पालिका चेयरपर्सन के प्रतिनिधि एवं पूर्व पार्षद सुरेंद्र बंटी भी उपस्थित रहे।नगर पालिका की पूर्व चेयरपर्सन रीना गर्ग के प्रतिनिधि एवं पूर्व पार्षद सुरेंद्र बंटी ने बताया कि नगर पालिका के तत्कालीन कार्यवाहक प्रधान और तत्कालीन एमई ने 18 टेंडर लगाए थे। उन्होंने सोसाइटियों को हटाकर और नियमों के विरूद्ध जाकर प्राइवेंट ठेकेदारों को दे दिए थे।

तीन दिन बाद साढ़े तीन करोड़ के 24 विकास कार्यों के टेंडर में नगर पालिका ने पहली कॉल में ही सोसाइटियों को टेंडर अलॉट कर दिए थे। इससे नपा को 33 प्रतिशत यानी लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का नुकसान हो गया था। इसके लिए सोसायटियों और उन्होंने स्वयं आला अधिकारियों शिकायतें की थीं। इसके अलावा गुप्तचर विभाग ने भी शिकायत की थी। उसके बाद टीम हरकत में आई। टीम यहां सैंपल ले रही है और अच्छे सैंपल लिए हैं। इस पर टीम उनके हस्ताक्षर भी करवा रही है।

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