हरियाणा: यमुनानगर में अवैध खनन, एनजीटी के नियमों का उल्लंघन और धोखाधड़ी के आरोप में पूर्व विधायक दिलबाग सिंह समेत 13 आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई ईडी के ज्वाइंट डायरेक्टर नवनीत अग्रवाल की शिकायत पर की है। अवैध खनन मामले में पूर्व विधायक दिलबाग सिंह पर यह तीसरी एफआईआर दर्ज की गई है। ईडी के ज्वाइंट डायरेक्टर ने पुलिस अधीक्षक के नाम दी शिकायत में बताया कि एनजीटी ने 18 नवंबर 2022 को आदेश दिए थे कि तीन खनन फर्म पर्यावरण नियमों के उल्लंघन और अवैध खनन करने की दोषी हैं।
इनमें दिल्ली रायल्टी कंपनी, मुबारिकपुर रायल्टी कंपनी और डवलपमेंट स्ट्रैटीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इन कंपनियों पर जुर्माना भी लगाया गया। बताया गया कि डेवलपमेंट स्ट्रैटीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को नौ साल के लिए बोल्डर, बजरी और रेत के खनन के लिए यमुनानगर के रादौर ब्लॉक के पोबारी गांव में 23.05 हेक्टेयर जमीन आवंटित की गई थी। वहीं दिल्ली रॉयल्टी कंपनी को बोल्डर, बजरी और रेत के खनन के लिए छछरौली तहसील के कोहलीवाला गांव में 13.59 हेक्टेयर जगह आवंटित की गई थी। जबकि मुबारिकपुर रॉयल्टी कंपनी को नौ साल की अवधि के लिए छछरौली तहसील के बेलगढ़ गांव में 28 हेक्टेयर जमीन आवंटित की गई थी।
मामले में 18 नवंबर 2022 को एनजीटी द्वारा स्थापित निगरानी समिति ने जांच की थी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर यहां पर खनन के दौरान नियमों का पालन नहीं किया गया। कहीं पर भी ग्रीन बेल्ट नहीं लगाई गई। नदी के प्रवाह को मोड़ा गया। निर्धारित मात्रा से अधिक खनन किया गया। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाना, जीपीएस सिस्टम नहीं लगाना, अवैध खनन आदि नियमों का उल्लंघन किया गया।
ईडी के ज्वाइंट डायरेक्टर की शिकायत पर पूर्व विधायक दिलबाग सहित राजेंद्र सिंह, कुलविंदर सिंह, मनोज कुमार वधवा, अंगद सिंह मक्कड़, गुरप्रताप सिंह मान, रमन ओझा, राजेश चिकारा, इंद्रपाल सिंह, नसीब सिंह, निर्मल राय, मुकेश बंसल व रणबीर सिंह राणा पर प्रतापनगर थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है।

