फतेहाबाद के गांव आयल्की में पशु मेला पिछले 7 महीने से बंद है इसी को लेकर पशु व्यापारी पिछले काफी दिनों से लघु सचिवालय के बाहर मेला फिर से शुरू करने को लेकर धरना दे रहे है। धरने पर बैठे व्यापारियों का कहना है कि उन्हें भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि पशु मेला बंद होने से सरकार को भी अब तक करीब 2.5 करोड़ का नुकसान हुआ है। व्यापारियों ने कहा कि यह मेला 1986-87 से लगातार चल रहा है लेकिन प्रशासन ने ज्यादा गर्मी होने के चलते सिर्फ एक महीने के लिए मेला बंद करवाया था जिसके बाद लगातार 7 महीने से पशु मेला बंद है जिससे व्यापारी, किसान और मेले में दुकान लगाने वाले दुकानदार के अलावो वाहन चालकों की रोजी-रोटी बंद हो गई है और वह बेरोजगार हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि पशु मेला बंद होने से उन्हें पशु बेचने के लिए बार-बार बाहर की मण्डियों में जाना पड़ता है। किराया ज्यादा होने के कारण उन्हें काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होने कहा कि अब गर्मी का मौसम भी नहीं रहा है। ऐसे में किसानों और व्यापारियों की इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा बंद करवाए गए मेले पशु को दोबारा से शुरू किया जाए ताकि उनकी रोजी-रोटी चलती रहे

