CISF Tops Medal Tally with 22 Golds : करनाल। मधुबन स्थित वच्छेर स्टेडियम में 75वें अखिल भारतीय पुलिस कुश्ती समूह 2026-27 का भव्य समापन हुआ। पांच दिवसीय प्रतियोगिता में देशभर की 37 टीमों के 1,443 खिलाड़ियों ने आर्म रेसलिंग, बॉडी बिल्डिंग, बॉक्सिंग और कुश्ती में प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
यह अखिल भारतीय पुलिस कुश्ती समूह 23 सितंबर से 27 सितंबर 2026 तक आयोजित किया गया, जिसमें देशभर की 37 टीमों के कुल 1,443 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इनमें 1,051 पुरुष एवं 392 महिला खिलाड़ी शामिल रहे। प्रतियोगिता के सफल संचालन में 130 तकनीकी अधिकारियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रतियोगिता के दौरान आर्म रेसलिंग (हाथ कुश्ती), बॉडी बिल्डिंग, बॉक्सिंग और कुश्ती के पुरुष एवं महिला वर्गों में खिलाड़ियों ने अपनी खेल प्रतिभा, शारीरिक क्षमता, अनुशासन और जुझारूपन का शानदार प्रदर्शन किया।
इस खेल प्रतियोगिता में CISF के द्वारा 22 स्वर्ण, 08 रजत व 20 कांस्य पदक जीत कर प्रथम स्थान, Uttar Pradesh Police के द्वारा 14 स्वर्ण, 22 रजत व 16 कांस्य पदक जीत कर द्वितीय स्थान और BSF के द्वारा 11 स्वर्ण, 07 रजत व 13 कांस्य पदक जीत कर तृतीय स्थान प्राप्त किया गया हैं। आर्म रेसलिंग के पुरुष एवं महिला वर्ग में उत्तर प्रदेश ने विजेता तथा पंजाब और राजस्थान ने क्रमशः पुरुष एवं महिला वर्ग में उपविजेता ट्रॉफी हासिल की। बॉडी बिल्डिंग के पुरुष वर्ग में उत्तर प्रदेश विजेता रहा, जबकि सीआईएसएफ, पंजाब और केरल ने संयुक्त रूप से उपविजेता ट्रॉफी प्राप्त की।
महिला वर्ग में महाराष्ट्र ने विजेता तथा असम ने उपविजेता ट्रॉफी हासिल की। बॉक्सिंग के पुरुष एवं महिला वर्ग में बीएसएफ ने विजेता ट्रॉफी पर कब्जा किया। पुरुष वर्ग में आईटीबीपी तथा महिला वर्ग में एसएसबी उपविजेता रहे। कुश्ती के पुरुष फ्री स्टाइल एवं ग्रीको-रोमन दोनों वर्गों में सीआईएसएफ ने विजेता तथा उत्तर प्रदेश ने उपविजेता ट्रॉफी हासिल की। वहीं, महिला फ्री स्टाइल कुश्ती में बीएसएफ विजेता तथा सीआईएसएफ उपविजेता रहा।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री बी.एस. संधु ने कहा कि इस अखिल भारतीय पुलिस खेल प्रतियोगिता में 392 महिला खिलाड़ियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी अपने आप में महिला सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण है। आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं—चाहे वह खेल का मैदान हो, युद्ध का मैदान हो अथवा सामाजिक एवं पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन। उन्होंने कहा कि खेल केवल जीत और हार का नाम नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, आत्मविश्वास, संघर्ष और निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। हार और जीत एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, लेकिन जो खिलाड़ी निराशा को पीछे छोड़कर अपने लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ता रहता है, वह निश्चित रूप से सफलता प्राप्त करता है।