Court Sentences Murder Convict to Life Imprisonment : करनाल। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनीश शर्मा की अदालत ने हत्या और एससी/एसटी एक्ट के मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(5) के तहत दोषी पर कुल 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोनों मामलों में तीन-तीन महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी सचिन कुमार ने की।
उक्त मामले में उप जिला न्यायवादी सचिन कुमार ने पैरवी की और दोषी को सजा दिलवाकर मृतक के परिजनों को न्याय दिलवाया। उप जिला न्यायवादी सचिन कुमार के अनुसार 25 सितंबर 2021 को थाना निगदू, जिला करनाल में नरेश कुमार पुत्र रिसाला राम (निवासी कारसा डोड) की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। प्रार्थी की शिकायत के अनुसार उसका भाई राजेश कुमार 24 सितंबर 2021 की शाम को घर से गया था और अगली सुबह उसका शव गांव कारसा डोड के एक खेत में क्षत-विक्षत अवस्था में मिला था।
इस मामले में मुख्य आरोपी के खिलाफ पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया था। अदालत ने मुकदमे की सुनवाई के बाद आरोपी को धारा 302 भारतीय दंड संहिता के तहत आजीवन कारावास (आजीवन कारावास की अवधि के दौरान जे.जे. एक्ट की धारा 21 के तहत रिहाई की संभावना के साथ) और 30,000/- रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर 3 महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
इसके अलावा धारा 3(2)(5) एससी/एसटी एक्ट के तहत आजीवन कारावास (जे.जे. एक्ट की धारा 21 के प्रावधानों के तहत) और 10,000/- रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर 3 महीने के अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा दी। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

