Dialogues from the Ramayana on stage : महेंद्रगढ़। महेंद्रगढ़ शहर की गौरवशाली और वर्षों पुरानी श्रीरामलीला परिषद के रंगमंच पर इन दिनों रौनक बढ़ती जा रही है। रामलीला मंचन की निर्धारित तिथियां नजदीक आने के साथ ही परिषद के प्रांगण में संवादों की गूंज, कलाकारों का उत्साह और पूर्वाभ्यास का जोश देखते ही बन रहा है। भगवान श्रीराम की मानवीय लीलाओं, उनके त्याग, मर्यादा, प्रेम और धर्म की स्थापना की गाथा को मंच पर सजीव करने के लिए कलाकार पूरी लगन और मनोयोग से अभ्यास में जुटे हैं।
अभिनय की बारीकियों पर विशेष ध्यान
पूर्वाभ्यास के दौरान मंच पर कहीं रावण के राजसी वैभव, प्रचंड ओज और दर्पपूर्ण गर्जना सुनाई दे रही है तो कहीं लक्ष्मण के ओजपूर्ण एवं वीर रस से भरे संवाद वातावरण में जोश भर रहे हैं। वहीं राजा दशरथ के पुत्र वियोग की करुणा, भरत के त्याग और हनुमान की अटूट भक्ति जैसे प्रसंग कलाकारों के अभिनय से जीवंत होते नजर आ रहे हैं। प्रत्येक कलाकार अपने पात्र की भाव-भंगिमा और व्यक्तित्व में पूरी तरह उतरने का प्रयास कर रहा है। श्रीरामलीला परिषद का रंगमंच भव्य मंच सज्जा, प्रकाश व्यवस्था और जीवंत अभिनय के अनूठे संगम के लिए अपनी अलग पहचान रखता है। सजीव मंच-सज्जा, प्रभावी प्रकाश व्यवस्था और कलाकारों की ओजस्वी संवाद-अदायगी जब एक साथ रंगमंच पर नजर आती है तो दर्शकों के लिए प्रस्तुति और भी प्रभावशाली बन जाती है।
वरिष्ठों के अनुभव से सीख रहे युवा कलाकार
परिषद के निर्देशक दिलीप गोस्वामी तथा संस्था के प्रमुख स्तंभ सुधीर दीवान और संगीत शिल्पी रामौतार शास्त्री के कुशल नेतृत्व में इन दिनों सघन पूर्वाभ्यास चल रहा है। कलाकारों को केवल संवाद याद कराने तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि उन्हें अपने पात्र को आत्मसात करने की बारीकियां भी सिखाई जा रही हैं। आवाज में उतार-चढ़ाव, चेहरे के हाव-भाव, आंखों की भाव-भंगिमा, मंच पर चलने की शैली तथा क्रोध, करुणा, प्रेम और वियोग जैसी मनोदशाओं के अनुरूप अभिनय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पूर्वाभ्यास में प्रत्येक संवाद को बार-बार दोहराया जा रहा है। निर्देशक मंडल छोटी से छोटी कमी को चिन्हित कर तत्काल सुधार करवा रहा है, ताकि मंचन के दौरान दर्शकों को भव्य, प्रभावशाली और यादगार प्रस्तुति देखने को मिले रामलीला मंचन को लेकर कलाकारों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। वरिष्ठ कलाकार अपने अनुभव के माध्यम से नए कलाकारों को मंच संचालन और अभिनय की बारीकियां सिखा रहे हैं, वहीं युवा कलाकार पूरे जोश और ऊर्जा के साथ अपने पात्रों को निखारने में जुटे हैं। कलाकारों का प्रयास है कि इस बार की रामलीला प्रस्तुति पूर्व के वर्षों की तुलना में और अधिक प्रभावशाली एवं यादगार बने।

