अंबाला। प्रदेश में सात जिलों की कमान महिला आईएएस अधिकारियों के हाथ हैं। प्रदेश का गठन होने के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है। ये अधिकारी अलग-अलग जिलों में डिप्टी कमिश्नर के रूप में तैनात हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि ये बदलाव शासन व्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को दिखाता है। प्रदेश में महिला अधिकारियों की बढ़ती भागीदारी प्रशासनिक क्षेत्र में नई मिसाल पेश कर रही है। हाल ही में मनदीप कौर को चरखी दादरी और डॉ. वैशाली शर्मा को जींद का डिप्टी कमिश्नर नियुक्त किया है। दोनों अधिकारी प्रशासनिक अनुभव और नेतृत्व क्षमता के लिए जानी जाती हैं। मनदीप कौर का कहना है कि महिला अधिकारियों की मौजूदगी लड़कियों को शिक्षा और करियर में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।
मनदीप कौर का मानना है कि जब महिलाएं नेतृत्व की भूमिका में नजर आती हैं, तो समाज में बेटियों के लिए सकारात्मक मैसेज जाता है और वे बड़े सपने देखने का साहस जुटाती हैं। हाल ही में वर्षा खंगवाल को झज्जर का डिप्टी कमिश्नर नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही राज्य में महिला DC की संख्या बढ़कर 7 हो गई है, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है। राज्य में यमुनानगर, सोनीपत, कैथल, महेंद्रगढ़-नारनौल समेत कई जिलों में महिला डिप्टी कमिश्नर प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाल रही हैं। इन अधिकारियों ने पहले भी अलग-अलग जिलों में अहम पदों पर काम करते हुए प्रशासनिक अनुभव हासिल किया है।
झज्जर इस मामले में खास है, क्योंकि यहां प्रशासन और पुलिस दोनों का नेतृत्व महिला के हाथ हैं। अधिकारियों का कहना है कि इससे महिलाओं को नेतृत्व की भूमिकाओं में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी और प्रशासनिक कार्यों में बेहतर भागीदारी देखने को मिलेगी। हालांकि राज्य के कई बड़े प्रशासनिक पदों पर अभी भी पुरुष अधिकारियों का दबदबा है, लेकिन पिछले कुछ सालों में महिला अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलने लगी हैं। इसे प्रशासनिक व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। बड़े IAS अधिकारी डॉ. सुमिता मिश्रा राज्य के सबसे अहम पदों में से एक एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (राजस्व) की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
इसके अलावा उनके पास स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग का भी प्रभार है। इससे पहले वह गृह, जेल और अपराध जांच जैसे महत्वपूर्ण विभागों का नेतृत्व कर चुकी हैं। राज्य की वरिष्ठ IAS अधिकारी आशिमा इस समय आबकारी और कराधान विभाग की कमिश्नर के रूप में काम कर रही हैं। हरियाणा में महिलाओं की स्थिति में भी धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है। प्रशासनिक क्षेत्र में बढ़ता प्रतिनिधित्व इस बदलाव का एक उदाहरण माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में और अधिक महिलाओं को नेतृत्व की जिम्मेदारी मिल सकती है, जिससे शासन व्यवस्था में उनकी भागीदारी और मजबूत होगी।
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