फरीदाबाद। सूरजकुंड में आयोजित दीवाली मेला मंगलवार शाम आकर्षक समापन समारोह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय ऊर्जा एवं शहरी आवास मंत्री मनोहर लाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि अध्यक्षता पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने की।
मुख्य अतिथि ने चौपाल पर पहुंचने से पहले मेला परिसर का निरीक्षण किया और हस्तशिल्प, हैंडलूम व स्थानीय उत्पादों के स्टालों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कारीगरों और उद्यमियों से उनके कारोबार के अनुभव साझा किए।
मनोहर लाल ने कहा कि इस बार का दीवाली मेला व्यापारिक दृष्टि से बेहद सफल रहा है। अधिकारियों के अनुसार, मेले में लगभग पांच करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। उन्होंने इसे “स्वदेशी मेला” करार देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में मेले की अवधि बढ़ाने पर विचार किया जाएगा ताकि अधिक व्यापारी और पर्यटक इससे जुड़ सकें। केंद्रीय मंत्री ने सुझाव दिया कि सूरजकुंड क्षेत्र में वर्षभर गतिविधियां जारी रखी जाएं ताकि यह स्थान पर्यटन का स्थायी केंद्र बन सके।
कार्यक्रम के दौरान हल्की बारिश भी हुई, लेकिन चौपाल पर बैठे दर्शकों का उत्साह बरकरार रहा। मंच से संबोधन की शुरुआत करते हुए मनोहर लाल ने “भारत माता की जय, महर्षि वाल्मीकि की जय और इंद्र देवता की जय” के नारों से माहौल को जोश से भर दिया।
समारोह में डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसे आयोजनों की संख्या बढ़ाएगी। उन्होंने नागरिकों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की अपील की।
चौपाल पर प्रस्तुत “स्वदेशी अपनाओ, आत्मनिर्भर भारत बनाओ” थीम पर आधारित नृत्य प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। संजय शर्मा द्वारा कोरियोग्राफ किए गए इस कार्यक्रम ने दर्शकों से खूब सराहना बटोरी।
समारोह में पूर्व मंत्री व विधायक मूलचंद शर्मा, धनेश अदलखा, सतीश फागना, हरेंद्र रामरतन, कंवर सिंह यादव, बिमला चौधरी, रणधीर पनिहार, महापौर प्रवीण बत्रा जोशी और पूर्व विधायक नरेंद्र गुप्ता समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इसके अलावा हरियाणा पर्यटन विभाग की प्रधान सचिव कला रामचंद्रन, प्रबंध निदेशक डॉ. शालीन, पुलिस आयुक्त सत्येंद्र गुप्ता और डीसी विक्रम सिंह सहित कई प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित थे।
मुख्य अतिथि ने कहा कि यदि सूरजकुंड मेले की तरह इस दीवाली मेले में भी फ्री बस सेवा चलाई जाती, तो आगंतुकों की संख्या और अधिक हो सकती थी।

