यमुना नगर (हरीश कोहली): हरियाणा की अनाज मंडियों में इस बार धान की सरकारी खरीद तय तिथि से पहले शुरू हो गई है, जिससे प्रदेश के किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। आमतौर पर यह प्रक्रिया 1 अक्टूबर से आरंभ होती है, लेकिन इस बार राज्य सरकार ने किसानों की सुविधा को देखते हुए 22 सितंबर से ही खरीद की शुरुआत कर दी है। यमुनानगर जिले की जगाधरी मंडी समेत प्रदेश की कई मंडियों में सुबह से ही किसानों की भारी भीड़ देखी गई।
मंडी में बढ़ी हलचल, किसानों में दिखा जोश
धान की बोरियों से लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर मंडियों में पहुंचे किसानों का उत्साह देखते ही बनता था। एक किसान ने बातचीत में बताया, “सरकार ने इस बार जो फैसला लिया है, उससे हमारी मेहनत का सही मोल समय पर मिल रहा है। अब अगली फसल की तैयारी में भी देरी नहीं होगी।”
प्रशासन की तैयारी रही चाक-चौबंद
मंडी प्रशासन और मार्केटिंग बोर्ड ने भी खरीद प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए पूरी तैयारियां पहले से कर ली थीं। मंडी सचिव ने जानकारी दी कि किसानों की सुविधा को देखते हुए मंडी में साफ-सफाई, पेयजल, माप-तौल की व्यवस्था, और त्वरित भुगतान की प्रक्रिया को दुरुस्त किया गया है। पहले दिन ही करीब 17,000 क्विंटल धान की आवक दर्ज की गई है। फिलहाल 17 प्रतिशत नमी तक के धान की खरीद की जा रही है।
MSP पर हो रही खरीद, किसानों को मिला भरोसा
सरकार ने इस सीजन धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,389 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। किसानों का मानना है कि समय पर सरकारी खरीद शुरू होने से बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और उन्हें अपनी फसल का पूरा मूल्य मिलेगा। एक अन्य किसान ने कहा, “अगर ऐसे ही समय पर खरीद होती रही तो हमें निजी खरीदारों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और नुकसान का डर भी नहीं रहेगा।”
खेती को मिली गति, किसानों को राहत
समय पर शुरू हुई सरकारी खरीद ने न केवल किसानों की आर्थिक चिंता दूर की है, बल्कि उन्हें अगली रबी फसल की तैयारी के लिए भी पर्याप्त समय दे दिया है। मंडियों में आई रौनक और किसानों के चेहरों पर लौटती मुस्कान इस बात की गवाही देती है कि इस बार खरीफ सीजन की शुरुआत उम्मीदों से भरी हुई है।

