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Haryana News : ग्रामीण जलापूर्ति पंचायतों को सौंपने का विरोध, कर्मचारियों का प्रदर्शन

employees' protest at rohtak

रोहतक। ऑल हरियाणा पीडब्ल्यूडी मेकेनिकल कर्मचारी यूनियन और हरियाणा कर्मचारी महासंघ केंद्रीय कमेटी के आह्वान पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी परिमण्डल रोहतक कार्यालय के सामने किया।

मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

भारी संख्या में एकत्रित कर्मचारियों ने ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं को ग्राम पंचायतों के अधीन सौंपने के निर्णय का विरोध करते हुए अधीक्षक अभियंता अमित शयोकंद के माध्यम से हरियाणा के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान कुलदीप अहलावत ने की जबकि मंच संचालन जिला सचिव ब्रिजराज द्वारा किया गया। रोष प्रदर्शन में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की विभिन्न शाखाओं से सैकड़ों कौशल एवं पक्के कर्मचारियों ने भाग लिया।

पुरानी पेंशन बहाल करने की भी मांग

employees' protest at rohtak
employees’ protest at rohtak

कर्मचारियों ने सरकार के ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था को पंचायतों को सौंपने के निर्णय को कर्मचारी एवं जनहित विरोधी बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की। इसके साथ ही कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, पुरानी एक्सग्रेसिया पॉलिसी लागू करने, एनपीएस समाप्त करने, मेडिकल कैशलेस नीति को प्रभावी बनाने, खाली पड़े पदों पर पदोन्नति देने तथा लंबित एलटीसी जारी करने की मांग भी उठाई। कर्मचारियों ने कहा कि पिछले दो वर्षों से बजट का बहाना बनाकर डांगरी, रेनकोट, जूते, साबुन तथा वर्दी भत्ते की राशि रोक रखी है, जिसे तुरंत जारी किया जाए।

आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने की मांग

साथ ही कर्मचारियों को समय-समय पर आवश्यक उपकरण जैसे पेचकस, प्लास और दस्ताने उपलब्ध करवाने की भी मांग की गई। एमपीडब्ल्यू कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा गारंटी एवं बढ़ा हुआ वेतन देने तथा पांच वर्ष पूरे कर चुके कौशल कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा प्रदान करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। रोष प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रांतीय प्रधान नरेंद्र धीमान ने कहा कि पूर्व में प्राथमिक पाठशालाओं को जिला परिषदों के अधीन करने के फैसले का परिणाम बेहद खराब रहा था।

राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ने का विरोध

उन्होंने कहा कि राजनीतिक हस्तक्षेप बढऩे से अध्यापक स्वयं को असहाय महसूस करने लगे थे और उनका शोषण बढ़ा था। उन्होंने कर्मचारियों से सरकारी दमनकारी नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। इस अवसर पर प्रांतीय महासचिव एवं राज्य चेयरमैन ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि सरकार को कर्मचारियों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

सरकार को दी चेतावनी

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ग्रामीण जलघरों को पंचायतों के अधीन करने का फैसला वापस नहीं लेती तो 11 जून 2026 को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा के हिसार स्थित आवास का घेराव किया जाएगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी। रोष प्रदर्शन में सैकड़ों कर्मचारियों ने भाग लेते हुए सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई।

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