Last Updated: October 7, 2026

Dainik Savera Times Logo

Haryana News : हमारा हर क्षण इंसानियत और भक्ति में : सतगुरु माता सुदीक्षा

May 14, 2026

Haryana News : हमारा हर क्षण इंसानियत और भक्ति में : सतगुरु माता सुदीक्षा

सोनीपत। समालखा-गन्नौर हल्दाना बॉर्डर स्थित मैदान में संत निरंकारी मिशन की ओर से युगदृष्टा बाबा हरदेव सिंह की स्मृति में संत समागम आयोजित किया। श्रद्धा और भक्ति से भरे इस आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

आत्मिक शांति और प्रेरणा का अनुभव

every-moment-in-humanity-and-devotion
every-moment-in-humanity-and-devotion

कार्यक्रम में सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज और निरंकारी राजपिता रमित जी की उपस्थिति रही। श्रद्धालुओं ने सतगुरु के दर्शन कर प्रवचनों को सुना और आत्मिक शांति व प्रेरणा का अनुभव किया। सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज ने कहा कि बाबा हरदेव सिंह का जीवन मानवता, सेवा और प्रेम का संदेश देता है। श्रद्धालुओं के हृदय में जीवित है। वर्तमान में उनके संदेशों को आगे बढ़ाते हुए सेवा, समर्पण और सद्भाव का प्रकाश फैलाना विश्व में मानवता, एकता और भाईचारे का संदेश निरंतर प्रसारित करना है।

दुख या संघर्ष प्रेम और सहयोग से करें कम

उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को जीवन का हर क्षण सार्थक बनाते हुए इंसानियत और करुणा के मूल्यों को अपनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि मनुष्य अपने भीतर मानवीय गुण विकसित कर निराकार का सहारा लेकर उद्देश्यपूर्ण जीवन जी सकता है। यदि किसी के जीवन में दुख या संघर्ष है तो उसे बढ़ाने के बजाय प्रेम और सहयोग से कम करना हमारा कर्तव्य है। जीवन ऐसा होना चाहिए जो रिश्तों में प्रेम और समर्पण को मजबूत बनाए। यही सच्ची मानवता है। सतगुरु माता ने कहा कि ब्रह्मज्ञान मिलने के बाद जीवन केवल व्यक्तिगत नहीं रहता, बल्कि पूरी मानवता की सेवा का माध्यम बन जाता है। सच्ची सेवा दिखावे से दूर प्रेम और निस्वार्थ भाव से की जाती है। वास्तविक भक्ति शब्दों में नहीं बल्कि व्यवहार और कर्मों में दिखाई देती है।

सेवा और भक्ति को दें प्राथमिकता

उन्होंने अमर संत अवनीत के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि सच्चा समर्पण वही है जो जीवन की प्राथमिकताओं में दिखाई दे। गृहस्थ जीवन निभाते हुए भी सेवा और भक्ति को प्राथमिकता दी जा सकती है। समागम के दौरान गीतकारों, कवियों और विचारकों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। सभी प्रस्तुतियों में बाबा हरदेव सिंह की शिक्षाओं और उनके सेवा भाव का उल्लेख रहा। श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम को भावपूर्ण और प्रेरणादायक बताया। अंत में आशीर्वाद देते हुए सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज ने कहा कि हर व्यक्ति सेवा, सुमिरण और सत्संग को जीवन में अपनाए और प्रेम व शांति का संदेश फैलाए।

खबरें और भी हैं :-

खबरें और भी हैं :-

खबरें और भी हैं :-

खबरें और भी हैं :-

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें