चंडीगढ़। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 9वीं और 11वीं की परीक्षा में फेल हुए विद्यार्थियों को सरकार एक और मौका देने जा रही है। इन छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी होगी। यदि ये उत्तीर्ण रहे तो बारहवीं में दाखिला दे दिया जाएगा।
विद्यालय छोड़ने की संभावना होगी कम
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को वार्षिक परीक्षा में अनुत्तीर्ण रहे विद्यार्थियों के लिए पुन: परीक्षाएं आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। वार्षिक परीक्षा में असफलता के बाद विद्यार्थियों के विद्यालय छोड़ने की संभावना बढ़ जाती है, क्योंकि कई बार कुछ अभिभावक एक वर्ष की हानि के कारण उनकी आगे की पढ़ाई जारी रखने में रुचि नहीं दिखाते। इसके तहत राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में प्रविधान किया है कि विद्यार्थी को दोहरा अवसर प्रदान किया जाए।
कारण : खराब न हो बच्चों का भविष्य
ऐसे में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि पुनः परीक्षा लगभग 45 दिनों के अंतराल के बाद आयोजित की जाए, जिससे कि विद्यार्थियों को पर्याप्त तैयारी का समय मिल सके। परीक्षा विद्यालय स्तर पर कक्षा या विषय अध्यापक की ओर से ली जाएगी। जो विद्यार्थी द्वितीय परीक्षा में उत्तीर्ण हो जाएंगे, उन्हें अगली कक्षा में प्रोन्नत किया जाएगा, जिससे उनका एक शैक्षणिक वर्ष नष्ट होने से बच सके।
लगाई जाएंगी विशेष कक्षाएं
इस अवधि में विद्यालयों की ओर से विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाएं लगाई जाएंगी। यदि विद्यार्थी फेल हो जाता है तो इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि वह ड्रापआउट न हो। उसे समय-समय पर रेमिडयल कार्यक्रम करवाया जाए।
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