कुरुक्षेत्र: मां भद्रकाली शक्तिपीठ, कुरुक्षेत्र में नवरात्रि महापर्व के दूसरे दिन भी भक्तजनों की भीड़ उमड़ी और मां भद्रकाली को ब्रह्मचारिणी स्वरूप मानकर मंत्र पूजा अर्चना की गई। इससे पहले रविवार रात्रि गौरवशाली हिन्दू नव वर्ष 2082 के उपलक्ष में मां भद्रकाली शक्तिपीठ कुरुक्षेत्र के 108 फुट ऊंचे गुम्बद पर भव्य आतिशबाजी की गई जिससे देखकर भक्तजनों में उत्साह देखा गया। पीठाध्यक्ष सतपाल शर्मा ने बताया कि ब्रह्मचारिणी में ब्रह्म का अर्थ होता है तपस्या और चारिणी का अर्थ आचरण से है। सर्वप्रथम आज दूसरे दिन प्रात: 6 बजे मंगला आरती में मुख्य पुजारिन माता श्रीमती शिमला देवी ने माँ भद्रकाली को गुड़हल का फूल चढ़ाया।
माँ को भोग में चीनी, मिश्री और पंचामृत का भोग लगाया गया व दूध और दूध से बनी मिठाई भी अर्पित की गई। आज मंगला आरती के मुख्य अतिथि नरसिंह गोयल रहे।
नवरात्रि अन्नपूर्णा भंडारा प्रात: 10 बजे बलकार सिंह सुपुत्र फूल सिंह व दोपहर 12 बजे पूनम सुपुत्री देवेंद्र कुमार, कुरुक्षेत्र द्वारा दिया गया। शाम 4 बजे की भजन संध्या लखबीर सिंह लक्खा द्वारा की गई जिसमें माँ के लाडले भक्त मां की मस्ती में झूमते दिखाई दिए। भजन संध्या और महाआरती में मुख्य अतिथि देवी दयाल शर्मा पूर्व चेयरमैन, ब्लॉक समिति व जिला उपाध्यक्ष, भाजपा कुरुक्षेत्र रहे। पूर्व मंत्री कर्ण देव कम्बोज ने भी माँ भद्रकाली जी के दर्शन किए। प्रतिदिन की तरह ही सांय 7 बजे 505 ज्योतियों से माँ भद्रकाली जी की महाआरती भक्तों के द्वारा श्रीदेवीकूप पर की गई। महाआरती से पहले श्री देवीकूप पर मुख्य अतिथि द्वारा कन्या ोका पंडित का पुष्प माला एवं माँ की लाल चुनरी द्वारा पूजन किया गया। इस मौके पर उपाध्यक्ष डॉ एमके मौदगिल, जीवन मौदगिल, देवेंद्र गर्ग हाबड़ी, आशीष दीक्षित, अनिल इत्यादि सेवक मौजूद रहे।
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