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गोहाना में स्कूल प्रिंसिपल पर पांचवीं की छात्रा से पोछा लगवाने का आरोप, किशोर न्याय अधिनियम के तहत मामला दर्ज

गोहाना। हरियाणा के गोहाना इलाके के रिंधाना गांव स्थित एक निजी स्कूल की प्रिंसिपल पर कक्षा में छात्रा से पोछा लगवाने का गंभीर आरोप लगा है। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद पुलिस ने एमआरएन पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल एकता सांगवान के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act) की धारा 75 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

होमवर्क पूरा न करने पर लगाया गया पोछा

शिकायत के अनुसार, 29 अगस्त को पांचवीं कक्षा की छात्रा बुखार के कारण अपना होमवर्क पूरा नहीं कर पाई थी। अगले दिन जब वह स्कूल गई, तो प्रिंसिपल ने उसे पूरी कक्षा के सामने अपमानित करते हुए कहा — “शर्म करो!” और कक्षा में पोछा लगाने के लिए मजबूर किया।

छात्रा की मां ने बताया कि प्रिंसिपल ने धमकी दी थी कि यदि उसने आगे भी होमवर्क पूरा नहीं किया तो उसके बाल मुंडवा दिए जाएंगे। इस घटना के बाद बच्ची स्कूल जाने से डरने लगी। डॉक्टर ने उसे मानसिक आघात (mental trauma) बताया और स्कूल बदलने की सलाह दी।

शिक्षा विभाग की जांच में आरोप साबित

शिकायत मिलने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) ने स्कूल का दौरा किया और जांच की। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि प्रिंसिपल ने सच में बच्ची को यूकेजी कक्षा में बच्चों के सामने पोछा लगवाया।

रिपोर्ट के अनुसार, स्कूल निदेशक के खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे पाए गए, लेकिन प्रिंसिपल एकता सांगवान का व्यवहार अमानवीय और अनुशासनहीन पाया गया। इसके बाद बड़ौदा थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई।

मानवाधिकार आयोग ने भी लिया संज्ञान

इस मामले को लेकर हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने भी 24 सितंबर को स्वतः संज्ञान लिया। आयोग ने कहा कि किसी भी छात्र के साथ ऐसा व्यवहार शिक्षा के उद्देश्य के बिल्कुल विपरीत है और यह बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है।

आयोग ने पुलिस आयुक्त और जिला शिक्षा अधिकारी से 28 अक्तूबर तक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है कि इस मामले में संस्थागत और कानूनी स्तर पर क्या कार्रवाई की गई है।

प्रशासनिक कार्रवाई जारी

जिला प्रशासन ने बताया कि इस प्रकरण में कानूनी कार्रवाई और विभागीय जांच दोनों शुरू कर दी गई हैं। अधिकारी यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि भविष्य में किसी भी स्कूल में इस तरह की मानसिक प्रताड़ना या अपमानजनक सज़ा न दी जाए।

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