Last Updated: November 7, 2026

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7 और 8 को ही चला सकेंगे ग्रीन पटाखे, 9 नवंबर से प्रतिबंध

November 7, 2026

7 और 8 को ही चला सकेंगे ग्रीन पटाखे, 9 नवंबर से प्रतिबंध

green-crackers-allowed-only-during-fixed-hours : करनाल। बढ़ते वायु प्रदूषण और लोगों के स्वास्थ्य को देखते हुए जिला प्रशासन ने दीपावली पर पटाखे चलाने के लिए समय और स्थान निर्धारित कर दिए हैं। जिला मजिस्ट्रेट डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने आदेश जारी कर 7 और 8 नवंबर को सुबह 6 से 7 बजे तथा रात 8 से 10 बजे तक ही प्रमाणित ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति दी है। 9 नवंबर से जिले में पटाखों के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लागू हो जाएगा।

इसके तहत 7 और 8 नवंबर को ही निर्धारित समय के दौरान प्रमाणित ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति होगी। वहीं, 9 नवंबर से जिले में पटाखों के इस्तेमाल पर दोबारा पूर्ण प्रतिबंध लागू हो जाएगा। जिला मजिस्ट्रेट की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक, 7 और 8 नवंबर को सुबह 6 से 7 बजे तक तथा रात 8 से 10 बजे तक ही ग्रीन पटाखे फोड़े जा सकेंगे। निर्धारित समय के अलावा पटाखे चलाने की अनुमति नहीं होगी। ये आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों को ध्यान में रखकर जारी किए गए हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बेरियम युक्त पटाखों और नीरी (NEERI) से ग्रीन पटाखों के रूप में प्रमाणित नहीं किए गए पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा पटाखों की लड़ियां और मालाएं बनाने, बेचने तथा इस्तेमाल करने पर भी रोक रहेगी। ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से पटाखों की खरीद-बिक्री भी नहीं की जा सकेगी। आदेशों के तहत अस्पतालों, नर्सिंग होम, प्राथमिक एवं जिला स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों, शिक्षण संस्थानों और अधिसूचित साइलेंस जोन के 300 मीटर के दायरे में पटाखे चलाने की अनुमति नहीं होगी। इन सभी स्थानों को नो-क्रैकर जोन घोषित किया गया है।

नियमों का पालन करवाने के लिए करनाल, घरौंडा, इंद्री, असंध और नीलोखेड़ी में संयुक्त निरीक्षण एवं गश्ती टीमें बनाई गई हैं। इन टीमों में एसडीएम, डीएसपी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि, अग्निशमन विभाग के अधिकारी और डीईटीसी (एसटी) करनाल के अधिकारी शामिल रहेंगे। टीमें पटाखों की दुकानों पर लाइसेंस, क्यूआर कोड, सीलबंद पैकेट और प्रमाणन की जांच करेंगी। इसके साथ ही प्रतिबंधित पटाखों की आवाजाही रोकने के लिए वाहनों की भी जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर पटाखे जब्त करने के साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रदूषण के स्तर पर नजर रखने के लिए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को वायु गुणवत्ता की नियमित रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके तहत 2 से 6 नवंबर तक दीपावली से पहले, 7 और 8 नवंबर को दीपावली के दौरान तथा 9 से 30 नवंबर तक दीपावली के बाद की वायु गुणवत्ता का आकलन किया जाएगा। इसके अलावा खराब पड़े वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों की कमियों को दूर करने, त्योहार के बाद ठोस कचरे का उचित निस्तारण और अधिक प्रदूषित क्षेत्रों में पानी का छिड़काव करवाने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिला मजिस्ट्रेट ने सभी विभागों को आदेशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही आमजन से अपील की है कि पर्यावरण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए निर्धारित समय में केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखों का ही इस्तेमाल करें। आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, विस्फोटक अधिनियम और विस्फोटक नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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