
गुरुग्राम। सेक्टर-89 स्थित एमआरजी हाउसिंग प्रोजेक्ट में कब्जा न मिलने से आवंटियों का गुस्सा बढ़ रहा है। कई महीनों की प्रतीक्षा के बाद भी निर्माण पूरा न होने पर आवंटियों ने सोमवार को बिल्डर कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। हालांकि, प्रदर्शन के बावजूद बिल्डर प्रबंधन ने अब तक कोई ठोस समयसीमा नहीं बताई।
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इसी दौरान आवंटियों ने सेक्टर-53 थाना पुलिस में एक लिखित शिकायत भी दर्ज करवाई। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बिल्डर से चर्चा की और 12 दिसंबर को थाने में दोनों पक्षों की बैठक तय की।
आवंटियों का कहना है कि उन्होंने फरवरी 2019 में ड्रॉ प्रक्रिया के तहत फ्लैट बुक किए थे। प्रोजेक्ट को अक्टूबर 2019 में पर्यावरण स्वीकृति भी मिल गई थी। इसके बावजूद सितंबर 2023 तक कब्जा देने का वादा अधूरा ही रहा। निरंतर देरी ने आवंटियों की कठिनाइयां बढ़ा दी हैं।
संजय गंडास और निकिल छाबड़ा ने बताया कि अधिकांश लोग किराए पर रह रहे हैं और साथ में ईएमआई भी चुका रहे हैं। जबकि, बढ़ते खर्चों ने आर्थिक दबाव को और ज्यादा तीखा कर दिया है। नीरजा सिंह ने कहा कि बिल्डर के साथ कई दौर की बातचीत बेनतीजा रही और कब्जा देने की तय तारीख आज तक नहीं मिली।
आवंटियों का आरोप है कि बिल्डर लगातार आक्युपेशन सर्टिफिकेट के आवेदन का हवाला देकर देरी को सही ठहरा रहा है। जबकि, तय समय सीमा पार होने से उन्हें मानसिक और आर्थिक दोनों तरह से नुकसान हो रहा है। प्रदर्शन में हितेश भूटानी, मिलन बत्रा, राहुल कपूरवाल, सुरेंद्र सोनी, राममोहन, अंजू मेहता, रमिता मेहता, अंजलि दीवान, श्यामलाल यादव, अंकित राय सहित कई लोग मौजूद रहे।
आवंटियों ने हरेरा और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उनका कहना है कि वे अब केवल स्पष्ट जानकारी और निश्चित कब्जा तारीख चाहते हैं।