Site icon Dainik Savera Times

गुरुग्राम में कचरा संकट खत्म करने को एमसीजी का नया बड़ा प्लान

गुरुग्राम की सफाई व्यवस्था पिछले काफी समय से संकट में है और इसी समस्या को दूर करने के लिए नगर निगम गुरुग्राम (MCG) ने नया रोडमैप तैयार किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह योजना आने वाले पांच वर्षों में शहर को कचरा प्रबंधन संकट से बाहर निकालने का लक्ष्य रखती है।

ताज़ा प्रस्ताव के तहत एमसीजी ने हरियाणा सरकार को 744 करोड़ रुपये की पूरी योजना भेजी है। इसमें सभी ज़ोनों का अलग-अलग मूल्यांकन शामिल है और मौजूदा सफाई ढांचे में मौजूद कमियों को दूर करने पर ज़ोर दिया गया है। निगम अधिकारियों के अनुसार कई स्थानों पर मौजूदा सिस्टम क्षमता से कम काम कर रहा है, जिसे मजबूत करने की जरूरत है।

योजना के अनुसार ज़ोन 1 और 2 के लिए 382 करोड़ रुपये तथा ज़ोन 3 और 4 के लिए 361 करोड़ रुपये आवंटित करने का सुझाव दिया गया है। मैकेनिकल और मैनुअल दोनों तरह की सफाई व्यवस्था को बढ़ाने के लिए 39 नई मशीनें खरीदी जाएंगी और 16 पुरानी मशीनें हटाई जाएंगी। बड़ी चुनौती सफाई कर्मचारियों की भारी कमी है—इस समय निगम के पास 2,521 कर्मचारी हैं, जबकि करीब 6,500 और की आवश्यकता बताई गई है। पहले चरण में 1,500 कर्मचारियों की भर्ती की योजना है।

एमसीजी का कहना है कि नया मसौदा हर वार्ड की अलग-अलग जरूरत और समस्याओं को देखते हुए तैयार किया गया है। वहीं वित्तीय वर्ष 2025 में 1 अप्रैल से 31 अक्टूबर तक एमसीजी 151 करोड़ रुपये सफाई और वेस्ट मैनेजमेंट पर खर्च कर चुका है। इस अवधि में 66 करोड़ डोर-टू-डोर कलेक्शन, 28 करोड़ मेंटेनेंस और ड्रेनेज, 16 करोड़ वाहन किराये, 26 करोड़ वेस्ट मैनेजमेंट और 10 करोड़ मशीनरी व आवारा पशु नियंत्रण पर खर्च हुए हैं। निगम का कहना है कि कई जगह त्वरित सुधार हुए हैं, लेकिन स्थायी समाधान अभी बाकी है।

Exit mobile version