हरियाणा सरकार ने सोमवार को राज्य के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा फैसला लेते हुए हांसी को अलग जिला घोषित कर दिया। आधिकारिक अधिसूचना जारी होते ही हांसी को नई पहचान मिली, जबकि हिसार जिले का स्वरूप बदल गया। इस फैसले के साथ हांसी हरियाणा का 23वां जिला बन गया है।
राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि हिसार जिले के अंतर्गत आने वाले हांसी और नारनौंद उपमंडलों को अलग कर नया जिला गठित किया गया है। यह निर्णय राज्यपाल की स्वीकृति के बाद लागू किया गया है। अधिसूचना में भू-राजस्व और पंजीकरण से जुड़े कानूनों के तहत प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव का उल्लेख किया गया है।
हांसी को जिला बनाए जाने की घोषणा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 16 दिसंबर को क्षेत्र में आयोजित विकास कार्यक्रम के दौरान की थी। मुख्यमंत्री ने उस समय एक सप्ताह के भीतर औपचारिक आदेश जारी करने की बात कही थी। सरकार ने छह दिन के भीतर अधिसूचना जारी कर यह संकेत दिया कि जिला गठन को लेकर लिया गया फैसला केवल घोषणा तक सीमित नहीं था।
जिला पुनर्गठन के बाद हिसार जिले में अब केवल हिसार और बरवाला उपमंडल रह गए हैं। वहीं, नए हांसी जिले में हांसी और नारनौंद उपमंडल शामिल किए गए हैं। प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हांसी, नारनौंद और बास तहसील के साथ खेड़ी जालब उप-तहसील को भी जिले में शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त हांसी-1, हांसी-2 और नारनौंद नाम से तीन विकास खंड बनाए गए हैं।
नए जिले की सीमा में हांसी और नारनौंद विधानसभा क्षेत्रों के कुल 110 गांव आएंगे। जिला क्षेत्रफल लगभग 1.35 लाख हेक्टेयर होगा और अनुमानित आबादी करीब 5.41 लाख बताई जा रही है।
जिला बनने का सीधा लाभ आम लोगों को मिलेगा। अब प्रशासनिक कार्यों, भूमि से जुड़े मामलों और न्यायिक प्रक्रिया के लिए नागरिकों को हिसार नहीं जाना पड़ेगा। जिला मुख्यालय पर उपायुक्त कार्यालय और जिला एवं सत्र न्यायालय स्थापित होने से सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी।
हांसी की एक खास पहचान यह भी है कि यह अपने मूल जिले हिसार से महज 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इतनी कम दूरी पर नया जिला बनना हरियाणा में दुर्लभ उदाहरण माना जा रहा है। इसके साथ ही हांसी उन चुनिंदा जिलों में शामिल हो गया है, जहां केवल दो विधानसभा सीटें—हांसी और नारनौंद—हैं। विभाजन के बाद हिसार जिले में अब कुल पांच विधानसभा सीटें रह गई हैं।

