हरियाणा में प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार को बहादुरगढ़ देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 466 तक पहुंच गया। रोहतक का एक्यूआई 430 और दिल्ली का 404 दर्ज हुआ। तीनों शहर ‘गंभीर श्रेणी’ में रहे।
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पराली जलने के मामलों में वृद्धि के बाद प्रशासन भी सख्त हो गया है। जींद में 35 किसानों को पराली जलाने पर गिरफ्तार किया गया। वहीं फतेहाबाद में रोकथाम में लापरवाही पर चार पुलिसकर्मी निलंबित कर दिए गए। हिसार, सिरसा और ऐलनाबाद में कुल पांच अधिकारियों पर भी एक्शन हुआ। फतेहाबाद के 23 पुलिसकर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
पिछले एक सप्ताह में फतेहाबाद में 50 जगह पराली जली। यहां 75 केस दर्ज हुए और 19 मामलों में एफआईआर हुई। 1.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। जींद जिले में अब तक 132 केस आए, जिनमें 35 गिरफ्तारी हुई और सभी को जमानत मिल गई।
सीएक्यूएम ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रेप का तीसरा चरण लागू किया है। आयोग ने डीसी और एसपी से वीडियो कॉन्फ्रेंस कर फील्ड में पैट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। जिलेवार मॉनिटरिंग भी तेज की जा रही है।
कृषि विभाग के अनुसार अभी तक राज्यभर में 175 किसानों की रेड एंट्री दर्ज हो चुकी है। 188 केस पुलिस में दर्ज हुए हैं। 9.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसमें से 7.05 लाख की वसूली कर ली गई है। 118 नोडल अधिकारियों और सुपरवाइजरों पर नोटिस जारी हुए।
राज्य के 16 और शहर खराब हवा की श्रेणी में रहे। कई जिलों में स्थानीय प्रदूषण और आगजनी बड़ी वजह बनी। विशेषज्ञों के अनुसार कम तापमान और धीमी हवा भी प्रदूषण को बढ़ा रही है।
डबवाली में एक सुपरवाइजर को रिश्वत लेने के आरोप में सेवा से हटाया गया है। किसान ने शिकायत दी थी कि पराली जलाने का मामला दबाने के बदले उससे 18 हजार रुपये लिए गए थे।

