फतेहाबाद जिले से डॉक्टर और स्टाफ की लापरवाही का मामला सामने आया है।रतिया क्षेत्र में स्थित निजी अस्पताल में महिला को ज्यादा बुखार होने के चलते भर्ती करवाया गया था।भर्ती होने के बाद स्टाफ ने महिला को इंजेक्शन दिया, जिसके कुछ देर बाद महिला की तबियत और अधिक बिगाड़ गई और फिर महिला ने दम तोड़ दिया।
मृतका की पहचान रतिया के पुराने बाजार निवासी 55 वर्षीय शीला रानी के रूप में हुई है। शीला बुखार से पीड़ित थी, जिस कारण रात को उसे टोहाना रोड पर स्थित सहारा अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। अस्पताल के डॉक्टर ने महिला की जांच की ओर कंपाउंडर को इंजेक्शन लगाने के लिए कह कर डॉक्टर अपना स्टेथोस्कोप लेने चला गया।
रात को 1:30 बजे महिला के अचानक प्लेटलेट्स कम हो रहे थे। इसी बीच महिला को कंपाउंडर ने कोई इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगाने के बाद महिला की तबियत ज्यादा बिगड़ गई। इसके 2 मिनट बाद ही महिला ने दम तोड़ दिया।
जैसे ही डॉक्टर और अस्पताल कर्मियों को महिला की मौत का पता लगा सब अस्पताल छोड़ कर फरार हो गए। जिसके बाद परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। घटना की जानकारी पुलिस को मिलते ही पुलिस तुरंत अस्पताल पहुंची।
पुलिस ने समझा–बुझा कर परिजनों को शांत किया और अस्पताल।पर ताला जड़ दिया है।रतिया शहर थाना प्रभारी जय सिंह ने बताया कि अस्पताल के बाहर बोर्ड पर लिखे नंबर्स द्वारा डॉक्टर से संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन डॉक्टर से संपर्क नही हो पाया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

