
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित उच्चाधिकार प्राप्त खरीद समिति (एचपीपीसी) और उच्चाधिकार प्राप्त कार्य खरीद समिति (एचपीडब्ल्यूपीसी) की बैठक में 718 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न सामानों के ठेकों और खरीद को मंजूरी प्रदान की गई।
विभिन्न बोलीदाताओं के साथ बातचीत के बाद, समितियों ने बैठक के दौरान कम दरों को अंतिम रूप देकर 26 करोड़ रुपये से अधिक की बचत करने में सफलता प्राप्त की। बैठक में कैबिनेट मंत्री महिपाल ढांडा, विपुल गोयल, श्याम सिंह राणा, रणबीर गंगवा और श्रीमती श्रुति चौधरी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा ट्रांसमिशन लाइन टावरों, सब-स्टेशन संरचनाओं, एचटी भूमिगत केबलों और संबंधित घटकों के विनिर्माण और आपूर्ति के लिए लगभग 132 करोड़ रुपये के अनुबंधों को मंजूरी दी गई। इसके अलावा, अंबाला जिले के नारायणगढ़ डिवीजन में पुनर्विकसित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत समग्र तकनीकी और वाणिज्यिक (एटीएंडसी) घाटे को कम करने के लिए वितरण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भी मंजूरी दी गई। इस परियोजना पर लगभग 53.86 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
बैठक के दौरान पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा एफएमडी+एचएस दोहरे टीके की लगभग 220 लाख खुराक की खरीद को मंजूरी प्रदान की गई, जिसका उद्देश्य मवेशियों में खुरपका-मुंहपका तथा रक्तस्रावी सेप्टीसीमिया रोगों की रोकथाम करना है।
खरीद की कुल लागत 73.45 करोड़ रुपये आंकी गई है। बैठक में बताया गया कि हरियाणा फिलहाल दोनों बीमारियों से मुक्त है और इस स्थिति को बनाए रखने के लिए नियमित टीकाकरण अभियान चलाए जा रहे हैं। टीकाकरण साल में दो बार, छह महीने के अंतराल पर किया जाता है।
बैठक के दौरान बरहामपुर में मौजूदा 120 एमएलडी एसटीपी को अपग्रेड करके शुद्ध पानी की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने की परियोजना को भी मंजूरी दी गई। इस परियोजना पर लगभग 33.88 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, बैठक में गुरुग्राम शहर में मौजूदा 100 एमएलडी एसटीपी के उन्नयन और 51.34 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 75 एमएलडी तृतीयक उपचार संयंत्र की स्थापना को भी मंजूरी दी गई।
बैठक में गुरुग्राम के खेड़की माजरा के सेक्टर 102ए में स्थित श्री शीतला माता देवी मेडिकल कॉलेज के लिए 26.95 करोड़ रुपये के गैर-चिकित्सा उपकरणों की खरीद और रखरखाव को भी मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त, द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ विभिन्न स्थानों पर 14.90 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पुनर्नवीनीकृत जल पाइपलाइनों के स्थानांतरण को भी मंजूरी दी गई।
इस परियोजना पर लगभग 13.85 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इसके अतिरिक्त फरीदाबाद शहर में मास्टर सीवरेज और ड्रेन लाइनों की सफाई और रखरखाव के लिए 21.35 करोड़ रुपए की परियोजना लागत को मंजूरी दी गई। इसके अलावा सिटी बस सेवा के तहत इलेक्ट्रिक बसों को सपोर्ट करने के लिए फरीदाबाद के सेक्टर-61 में बस डिपो का निर्माण किया जाएगा, जिसमें चार्जिंग स्टेशन का प्रावधान भी शामिल है। इस परियोजना के लिए 18.48 करोड़ रुपए की मंजूरी मिली।
इसके अतिरिक्त, रोहतक में पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में 23.64 करोड़ रुपये की लागत से बालिका छात्रावास के निर्माण, सोनीपत जिले के नागरिक अस्पताल परिसर में लगभग 49 करोड़ रुपये की लागत से 100 बिस्तरों वाले मातृ एवं शिशु अस्पताल (एमसीएच) ब्लॉक तथा नूंह जिले के नल्हड़ में एसएचकेएम राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में 27.95 करोड़ रुपये की लागत से 100 बिस्तरों वाले एमसीएच के निर्माण को भी मंजूरी दी गई।
बैठक में शहरी विकास विभाग के प्रधान सलाहकार श्री डीएस ढेसी, स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विनीत गर्ग, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल, वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव-1 मोहम्मद शाईन, आपूर्ति एवं निपटान विभाग के महानिदेशक श्री पंकज के अलावा संबंधित विभागों के प्रशासनिक सचिव उपस्थित थे।