चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यमुनानगर के लोहगढ़ में बाबा बंदा सिंह बहादुर स्मारक केंद्र के कार्य की प्रगति की निगरानी के लिए उच्च स्तरीय लोहगढ़ परियोजना विकास समिति के गठन को स्वीकृति प्रदान की है। प्रवक्ता ने बताया कि केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी विकास मामले मंत्री मनोहर लाल समिति के मुख्य संरक्षक होंगे जबकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अध्यक्ष होंगे।
मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. प्रभलीन सिंह समिति के सदस्य सचिव होंगे। समिति के अन्य सदस्यों में पर्यटन एवं विरासत मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवर पाल, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, पूर्व सांसद तरलोचन सिंह, सिख इतिहासकार एवं पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला के पूर्व कुलपति डॉ. जसपाल सिंह, विरासत एवं पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव, हरियाणा राज्य जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष रणदीप सिंह जौहर, यमुनानगर उपायुक्त, हरियाणा पर्यटन निगम के प्रबंध निदेशक और सिग्मा समूह के अध्यक्ष जगदीप एस. चड्ढा शामिल हैं।
यह महत्वाकांक्षी लोहगढ़ विकास परियोजना लोहगढ़ स्मारक स्थल को एक विशाल परिसर में विकसित कर रही है, जो न केवल महान बाबा बंदा सिंह बहादुर को श्रद्धांजलि देता है बल्कि सिख समुदाय की समृद्ध विरासत को भी प्रदर्शित करता है। बदलाव का एक अहम पहलू अत्याधुनिक संग्रहालय का निर्माण करवाना दो चरणों में शुरू होने वाली इस परियोजना का उद्देश्य स्मारक स्थल के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को फिर से जीवंत करना है।
पहले चरण में किले, मुख्यद्वार और परिसर की चारदीवारी को बहाल करने और उसे बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। यह परिसर 20 एकड़ के विशाल क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इस बदलाव का एक अहम पहलू अत्याधुनिक संग्रहालय का निर्माण होगा। इस संग्रहालय में बाबा बंदा सिंह बहादुर से जुड़ी जीवन गाथा को नवीनतम तकनीकी नवाचारों के साथ मिलाकर आगंतुकों को इतिहास और आधुनिकता के बीच की दुनिया में ले जाया जाएगा।
इस उल्लेखनीय स्थान पर बाबा बंदा सिंह बहादुर के जीवन का सार, उनके जन्म से लेकर उनके अंतिम दिनों तक, को जीवंत रूप से चित्रित किया जाएगा। बाबा बंदा सिंह बहादुर की विशाल प्रतिमा स्मारक परिसर का बनेगी आकर्षक केंद्र बिंदु परियोजना के दूसरे चरण में बाबा बंदा सिंह बहादुर की विशाल प्रतिमा के लिए डिजाइन का चयन करने के लिए एक वैश्विक डिजाइन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जो स्मारक परिसर का मुख्य आकर्षक का केंद्र बिंदु बनेगी।
यह भव्य प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्नेत और सिख धर्म की अदम्य साहस का प्रमाण होगी। इसके अतिरिक्त सिख मार्शल कौशल की विरासत को बढ़ावा देने और समुदाय की सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने के लिए यहां पर एक मार्शल आर्ट स्कूल स्थापित किया जाएगा। यह पहल न केवल हरियाणा बल्कि पूरे भारत व विश्व के सिखों के लिए गौरव का स्नेत होगी।

